अपनों से बिछड़ी आगरा की बुजुर्ग को पुलिस ने परिजनों से मिलाया

न नंबर याद था- न पता; रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर परिवार को तलाश
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। रविवार को आगरा से महाकाल दर्शन करने आईं 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला मुन्नी देवी भीड़भाड़ के कारण सुबह करीब 7 बजे अपने परिवार से बिछड़ गईं। करीब 5 घंटे की मेहनत के बाद पुलिस ने उन्हें परिवार से मिलवा दिया।
दयालबाग, आगरा की रहने वाली मुन्नी देवी जाटव परिवार के साथ महाकाल दर्शन के लिए आई थीं। सुबह 7 बजे परिवार से बिछडऩे के बाद उन्हें रोता देख मंदिर परिसर के पास के प्रसादी दुकानदार उन्हें महाकाल थाने ले आए। उम्रदराज होने के कारण मुन्नी देवी काफी घबरा गई थीं। उन्हें परिवार का कोई मोबाइल नंबर याद नहीं था और न ही वह यह बता पा रही थीं कि उन्होंने किस दुकान से प्रसाद खरीदा था या परिवार कहां ठहरा है।
पूछताछ में उन्होंने बस इतना बताया कि वे आगरा से ट्रेन से आए थे और वापस भी ट्रेन से ही जाना है। टीआई गगन बादल के निर्देश पर एएसआई चंद्रभानसिंह की टीम ने सबसे पहले हरसिद्धि मंदिर के आस-पास पूछताछ की। एक टीम आगरा जाने वाली ट्रेनों के समय को देखते हुए उज्जैन रेलवे स्टेशन पहुंची।
कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार प्लेटफॉर्म पर परेशान घूम रहा उनका परिवार पुलिस को मिल गया। जब पुलिस मुन्नी देवी को लेकर परिजनों के पास पहुंची, तो पूरे परिवार की जान में जान आई। परिजनों ने संकट की इस घड़ी में संवेदनशीलता और तत्परता दिखाने के लिए उज्जैन पुलिस और स्थानीय प्रसादी दुकानदारों का आभार व्यक्त किया।









