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अक्षरविश्व से खास चर्चा : आयुर्वेद संस्थान जयपुर के डॉ. सुनील कुमार यादव और एम्स गोवा के डॉ शिवानंद पाटिल ने बताई आयुर्वेद से जुड़ी खासियत…

आयुर्वेद में समय लगता है लेकिन यह कारगर : डॉ. यादव

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उज्जैन। आयुर्वेद संस्थान जयपुर के डॉ. सुनील कुमार यादव का कहना है कि आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में समय जरूर लगता है लेकिन यह पद्धति बेहद कारगर है। डॉ. यादव शुक्रवार को अक्षरविश्व से चर्चा कर रहे थे। उनसे आयुर्वेदिक चिकित्सक पद्धति में टाइम ज्यादा लगने से रूझान कम होने संबंधी सवाल पूछा गया था। पेश हैं बातचीत के संपादित अंश।

Q लोग आयुर्वेद पर भरोसा तो करते है मगर टाइम ज्यादा लगने से उपयोग नहीं करते है। इसके लिए क्या किया जा सकता है ?
A. आयुर्वेद को समझने से पहले यह समझना होगा कि हमें क्या खाना और कब सोना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। जीवनशैली ही स्वास्थ पर गहरा प्रभाव डालती है। आयुर्वेद किसी भी बीमारी को जड़ से खत्म करता है। इस पद्धति में साइड इफेक्ट नहीं होते, क्योंकि यह पूर्णत नैचुरल होती है। क्त. आयुर्वेद के एक्सपर्ट हर जगह नहीं मिलते है। इसके लिए क्या करना चाहिए?

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Q. आयुर्वेद के प्रसार के लिए सरकारी सपोर्ट जरूरी है। अगर आयुर्वेद चिकित्सकों की भर्ती ज्यादा होगी तो वे आसानी से उपलब्ध होंगे।Aअवेयरनेस गतिविधियां बढ़ाना होगी। जैसे 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया गया। आयुर्वेद का भविष्य भी तभी उज्जवल है जब आम व्यक्ति को इसकी मूल धारणा और दीर्घकालिक फायदे से अवगत कराया जाए।

Q. आयुर्वेद में परहेज बहुत हैं। बीमार इससे बचना चाहता है, क्या तरीका हो सकता है?
A. किसी भी व्यक्ति के बीमार होने का कारण उसके खाने से निकलेगा। खाने में परहेज नहीं रखने के कारण ही बीमारी होती है। बिना परहेज के कोई भी दवा असर भी नहीं करती। बीमारी को जड़ से खत्म करना है तो परहेज का पालन करना जरूरी है।

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Q. आयुर्वेद और एलोपैथी के बीच बड़ा अंतर है। लोग एमबीबीएस, एमडी पर ज्यादा फोकस करते है?
A. आयुर्वेद की ओर से तो खाई नहीं है, दूसरी पैथी वाले समझते हैं तो वह उनकी समस्याएं हैं। दोनों चिकित्सा का अपना-अपना महत्व है। अगर इमरजेंसी है तो एलोपैथी बेस्ट है। नहीं तो आयुर्वेद सबसे बेहतर है।

Q.उज्जैन में प्रस्तावित आयुर्वेद एम्स से क्या फायदा?
A. एम्स आयुर्वेद का लाभ एमपी और इसके आसपास के राज्यों को मिलेगा। अभी जैसे जयपुर और दिल्ली एम्स में पेशेंट को बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।

गंभीर बीमारी में आयुर्वेद ही सबसे बेहतर इलाज : डॉ.पाटिल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। एम्स गोवा के डॉ शिवानंद पाटिल ने कहा कि गंभीर बीमारी में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति सबसे बेहतर है। दो दिवसीय सीएमई कार्यशाला में शािमल होने आए पाटिल शुक्रवार को अक्षर विश्व से बात कर रहे थे। उनके आयुर्वेद और एलोपैथी में कौन श्रेष्ठ संबंधी सवाल पूछा गया था। पेश है उनसे बातचीत के संपादित अंश।

Q. आयुर्वेद पर लोग भरोसा तो करते है मगर टाइम ज्यादा लगने से यूज़ नहीं करते इसके लिए क्या किया जा सकता है?
A. हर चिकित्सा पद्धति का अपना अपना महत्व है मान लीजिए कोई इमरजेंसी है तो उसके लिए आयुर्वेद इतना कारगर नहीं होगा, जितना एलोपैथिक ट्रीटमेंट। गंभीर बीमारी में आयुर्वेद बेहतर रिजल्ट देता है। किसी बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए आयुर्वेद फास्ट और गारंटीड है। पेशेंट सब दूर भटक कर अंत में हमारे पास आते हैं।

Q.आयुर्वेद एक्सपर्ट हर जगह नहीं मिलते इसके लिए क्या करना चाहिए?
A. अब मिलने लगे हैं। अगर कहीं यह समस्या आ रही है तो आयुष मंत्रालय की वेबसाइट पर मौजूद प्रमोशन लिस्ट से अपने शहर के आयुष प्रोफेशनल डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं। यहां डॉक्टर लिस्टेड हैं। इनकी खासियत भी साइट पर मौजूद है।

Q. आयुर्वेद में परहेज बहुत है आदमी इससे बचना चाहता है, क्या उपाय है?
A. परहेज जरूरी है। आज का खाना ही बीमारी दे रहा है। आयुर्वेद वात, पित्त और कफ पर निर्भर है। इसमें परहेज जरूरी है, नहीं तो मेडिसिन का असर नहीं होगा।

Q. आयुर्वेद और एलोपैथिक में लंबी खाई है , लोग एलोपैथी पर ज्यादा फोकस्ड रहतेे है?
A. सारा खेल पैसों का है। अभी ज्यादातर लोग एलोपैथिक चिकित्सक के पास जाते हैं। उनकी फीस ज्यादा होती है। इमरजेंसी में उनका इलाज अच्छा हो सकता है, मगर गंभीर बीमारियों में आयुर्वेद ज्यादा असरदार है। साउथ में लोग यह जानते हैं और आयुर्वेद का जोर है।

Q. उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स प्रस्तावित है, क्या फायदा होगा?
A. एम्स फायदेमंद है। गोवा में हम रोजाना करीबन 800 से ज्यादा मरीज देख रहे हैं। वह भी फ्री ऑफ कॉस्ट । यहां ऐसी फैसिलिटी है, जो मॉर्डन अस्पतालों में नहीं है।

Q. उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स प्रस्तावित है, क्या फायदा होगा?
A. एम्स फायदेमंद है। गोवा में हम रोजाना करीबन 800 से ज्यादा मरीज देख रहे हैं। वह भी फ्री ऑफ कॉस्ट । यहां ऐसी फैसिलिटी है, जो मॉर्डन अस्पतालों में नहीं है।

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