सिंहस्थ की तैयारी… ट्रेन-स्टेशनों पर क्राइम रोकने के लिए कुली बनेंगे जीआरपी की आंख-कान

कुलियों को जोडऩे से मजबूत होगा सूचना तंत्र
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उज्जैन। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में होने वाले अपराधों पर अंकुश और सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के तहत जीआरपी ने नई रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। अब प्लेटफार्म पर दिन-रात मौजूद रहने वाले कुली और वेंडर पुलिस के लिए आंख और कान (मुखबिर) की भूमिका निभाएंगे। जीआरपी ने सूचना तंत्र को मजबूत करने के लिए इन्हें सीधे अपने नेटवर्क से जोडऩे का प्लान तैयार किया है जिसकी शुरुआत इंदौर में हो चुकी है, अब जल्द ही इसे उज्जैन में लागू किया जाएगा। दरअसल, यह पहल आगामी सिंहस्थ के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। सिंहस्थ के दौरान रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में भारी दबाव रहेगा। ऐसी स्थिति में केवल पुलिस के भरोसे सुरक्षा संभालना चुनौतीपूर्ण होगा। इंदौर स्टेशन के विस्तार और वहां के यात्री दबाव को देखते हुए इस प्रयोग को एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिसे बाद में अन्य स्टेशनों पर लागू किया जाएगा।

अपराधियों पर नकेल कसने में मिलेगी मदद
टे्रनों और रेलवे स्टेशनों पर होने वाले चोरी, लूट एवं अन्य वारदातों को रोकने और अपराधियों तक जल्द से जल्द पहुंचने के लिए ज्यादा से ज्यादा सचूनाएं मिलना जरूरी हैं। इसी उद्देश्य के साथ कुली एवं वेंडरों को भी पुलिस के साथ जोड़ा जा रहा है। कुली पूरे दिन प्लेटफॉम्र्स पर सक्रिय रहते हैं और किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधियों पर उनकी नजर सबसे पहले जाती है। यदि समय रहते सूचना मिल जाए तो कई वारदातों को पहले ही रोका जा सकता है।
सिर्फ पुलिस के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था संभालना मुश्किल
आगामी सिंहस्थ को लेकर भी अभी से तैयारियां शुरू हो गई हैं। सिंहस्थ के दौरान यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ेगी, ऐसे में केवल पुलिस बल के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था संभालना मुश्किल होगा। सी कारण सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। इंदौर में जीआरपी ने कुलियों के साथ बैठक कर उन्हें भूमिका और जिम्मेदारियों की जानकारी दी है। इसी तर्ज पर उज्जैन और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर काम करने वाले कुलियों के साथ बैठक प्रस्तावित है।
49 जवान और 50 कुली
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में जीआरपी के पास कुल 49 पुलिसकर्मियों का बल है। इसमें एक सब इंस्पेक्टर व चार असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर शामिल हैं। वहीं स्टेशन पर 50 से अधिक अधिकृत कुली हैं। इनकी मदद से जेबकतरों, पैसेंजरों से ठगी, चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओं की जानकारी पुलिस तक तुरंत पहुंचेगी। ऐसे में अपराधियों की जानकारी पुलिस के पास होने से गिरफ्तारी में आसानी होगी।
नहीं हो सकी चर्चा
इस संबंध में रेलवे एसपी पद्मविलोचन शुक्ला से उनके नंबर पर चर्चा करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो सकी।









