श्री महाकालेश्वर मंदिर में पुजारी प्रतिनिधि को हटाया

मंदिर की गरिमा को धूमिल करने का आरोप

उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंदिर समिति ने विवाद के चलते पुजारी दिलीप गुरु के प्रतिनिधि प्रशांत शर्मा (बबलू गुरु) को पद से हटा दिया है। अब उन्हें आम दर्शनार्थियों की तरह ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा। उन्हें अपने आने की सूचना प्रशासक कार्यालय को भी देना होगी। इसके अलावा पुजारी को भी कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी है। माना जा रहा है कि ऐसा पहली बार हुआ है।
दरअसल, 12 अप्रैल 2025 को शयन आरती के समय मंदिर कर्मचारी शुभम गौड़ के साथ प्रशांत शर्मा का विवाद हुआ था। जांच में पता चला कि रात करीब 10 बजे नंदी मंडपम में लगे बैरिकेड पर चढक़र नगाड़ा गेट पर खड़े यजमानों को नंदी मंडपम् में प्रवेश करवाने की कोशिश की। इसी कारण विवाद हुआ। वीडियो में बबलू गुरु द्वारा झूमाझटकी करना पाया गया।
इस अशोभनीय कृत्य को लेकर श्री महाकालेश्वर मंदिर अधिनियम की धारा 18 (02) के तहत सुनवाई की गई थी। इसे लेकर बबलू गुरु को 14 मई को नोटिस जारी कर २ दिन में जवाब देने को कहा था लेकिन उन्होंने १३ दिन बाद जवाब प्रस्तुत किया। इसके बाद महाकाल मंदिर की छवि धूमिल करने वाले बबलू गुरु को बुधवार को मंदिर अधिनियमों के अनुसार पुजारी दिलीप गुरु के प्रतिनिधि पद से हटा दिया है। मंदिर समिति का कहना है कि ऐसे कड़े निर्णय लेने पर ही मंदिर की छवि को सुधारा जा सकेगा।









