परखी सिंहस्थ कार्यों की गुणवत्ता

10 करोड़ की लागत से बने रहे हैं 4 हेलीपैड
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उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ सिंहस्थ के विभिन्न निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया और उनकी गुणवत्ता की जांच की।
कलेक्टर श्री सिंह ने सबसे पहले सदावल में 14 हेक्टेयर क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 4 हेलीपैड के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए हेलीपैड के कार्य की खुदाई करवाकर सबग्रेड, सीआरएम और डीएलसी की गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया।
वाकणकर ब्रिज और अन्य पुलों की जांच
कलेक्टर ने हरिफाटक ब्रिज के समीप पार्किंग स्थल से क्षिप्रा नदी पर बन रहे समानांतर उच्च स्तरीय वाकणकर ब्रिज निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदार से पूछा कि निर्माण कार्य में कोई परेशानी तो नहीं आ रही है। कलेक्टर ने संबंधितों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जाए और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्माणाधीन 32 एमएम से बनने वाले पिल्लर (स्तंभ) निर्माण कार्य की भी जांच की। कलेक्टर ने संबंधित निर्माण विभागों के अधिकारियों को कार्य तीव्र गति से करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि लोक निर्माण विभाग ब्रिज द्वारा सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत 477.11 करोड़ रुपये की लागत से कुल 19 पुल और आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) का निर्माण कराया जा रहा है।
इन निर्माणों को भी देखा
झालरिया मठ नृसिंहघाट पुल की रेलिंग कार्य।
कार्तिक मेला रोड वाली क्षिप्रा की छोटी रपट को नवीन फोरलेन निर्माण (130 मीटर लंबाई) हेतु कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
जूना सोमारिया से वीर दुर्गादास छत्री तक फोरलेन सडक़ निर्माण।
के.डी. गेट से गोंसा रोड पर क्षिप्रा नदी पर नवीन फोरलेन पुल (लंबाई 150 मीटर, चौड़ाई 16 मीटर) और समानांतर पैदल पुल के निर्माण कार्य स्थल।










