इथेनॉल में सप्लाई डाइवर्ट होने से चीनी महंगी

केंद्र ने चीनी आयात को 31 अक्टूबर तक टैक्स फ्री किया, उज्जैन में थोक भाव 70 रुपए किलो तक पहुंचा
नई दिल्ली, एजेंसी। देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए चीनी के आयात को 31 अक्टूबर तक टैक्स फ्री कर दिया है। सरकार के इस फैसले से आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है। पिछले एक महीने में चीनी के दाम करीब 10 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। उज्जैन में भी थोक बाजार में चीनी का भाव करीब 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है।
इथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट हुई चीनी
चीनी की कीमतों में तेजी की प्रमुख वजह गन्ने के रस और सिरप का बड़े पैमाने पर इथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जाना बताया जा रहा है। इसके चलते घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता प्रभावित हुई है। वहीं, त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने से कीमतों पर और दबाव बढ़ गया है।
लगातार बढ़ती कीमतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी के आयात पर टैक्स में छूट देने का फैसला किया है। सरकार को उम्मीद है कि आयात बढ़ने से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बेहतर होगी और कीमतों पर नियंत्रण आएगा।
उत्पादन का बड़ा हिस्सा इथेनॉल में जाएगा
रेटिंग एजेंसी आईसीआरए के अनुमान के मुताबिक, वर्ष 2025-26 में भारत का ग्रॉस चीनी उत्पादन करीब 3.11 करोड़ टन रहने की संभावना है। हालांकि, इसमें से करीब 31 लाख टन चीनी उत्पादन को इथेनॉल बनाने के लिए डायवर्ट किया जा सकता है। इसके बाद घरेलू खपत के लिए नेट चीनी उत्पादन करीब 2.80 करोड़ टन रह जाएगा।
त्योहारी मांग से बढ़ा दबाव
त्योहारी सीजन में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने से चीनी की खपत भी बढ़ रही है। ऐसे में सीमित घरेलू उपलब्धता और बढ़ी हुई मांग के कारण कीमतों में तेजी आई है। सरकार के टैक्स फ्री आयात के फैसले से बाजार में अतिरिक्त आपूर्ति आने की उम्मीद है, जिससे आने वाले दिनों में चीनी के दाम कम हो सकते हैं।









