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39 घंटे बाद भूखी माता क्षेत्र से मिला हलवाई का शव

24 सितंबर को नहाने के दौरान पैर फिसलने से डूबा था

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। तीन दिन से जिस हलवाई की बॉडी को पुलिस, होमगार्ड, एसडीईआरएफ और गोताखोर ढूंढ रहे थे, वह 39 घंटे बाद शुक्रवार सुबह भूखी माता क्षेत्र में ही नदी से मिली। इसके बाद उसे पीएम के लिए चरक अस्पताल भेजा गया। दोपहर में पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

जानकारी के मुताबिक मूलत: राजगढ़ के पचौर का रहने वाला सोनू पिता दुर्गाप्रसाद मीणा (27) वर्तमान में चिंतामण जवासिया में रहकर हलवाई का काम करता था। भांजे शिवांक ने बताया कि मामा सोनू 24 सितंबर को भूखी माता मंदिर पर परिवार के चार सदस्यों के साथ खाना बनाने के लिए आया था। गर्मी से परेशान होकर वह नहाने चला गया। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया। नदी का जलस्तर बढ़ा होने से सोनू गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा।

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यह देख भाई बचाने पहुंचा लेकिन नाकाम रहा। सूचना मिलते ही होमगार्ड व एसडीईआरएफ के जवान तैराक दल के सदस्यों के साथ महाकाल पुलिस मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की लेकिन पता नहीं चला। इसके बाद रात में सर्चिंग अभियान रोक दिया गया। गुरुवार सुबह फिर से तलाश शुरू की गई लेकिन सफलता नहीं मिली। शुक्रवार सुबह सोनू की बॉडी भूखी माता क्षेत्र में ही घटनास्थल से कुछ दूर मिली। दोपहर में पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

निजी गोताखोरों की भी मदद ली
शिप्रा का जलस्तर बढ़ा होने और बहाव तेज होने के कारण सर्चिंग अभियान में दिक्कतें आ रही थीं। इस अभियान में पुलिस ने निजी गोताखोरों की भी मदद ली। महाकाल पुलिस, होमगार्ड, एसडीईआरएफ और गोताखारों की मदद से अंतत: शव मिल गया।

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