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अधूरा पड़ा है नाला, महीनों से बंद है स्ट्रीटलाइट सड़कों पर फैला है कीचड़ व नालियां हैं चोक

मानसून की मुसीबत : अफसर जनप्रतिनिधियों की नहीं सुनते तो जनप्रतिनिधि नागरिकों के फोन नहीं उठाते

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शहर की बाहरी कॉलोनियों से आ रही सबसे ज्यादा शिकायतें

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। मानसूनी मौसम ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। हाल यह है कि कहीं स्ट्रीटलाइट महीनों से बंद हैं तो कहीं नाला दो तरफ से तो बन गया, मगर बीच में ठेकेदार ने निर्माण अधूरा छोड़ दिया। कहीं सड़क कीचड़ से पट गई है और कहीं नाली पर इतना अतिक्रमण हो गया है कि उसके अंतिम छोर से पानी बाहर निकलना ही बंद हो गया है। ऐसे में लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं। वह अपनी पीड़ा भी पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जनप्रतिनिधि उनके फोन नहीं उठा रहे हैं। जनप्रतिनिधि भी परेशान हैं कि अफसर उनकी नहीं सुन रहे। अक्षरविश्व ने मानसूनी मौसम में लोगों की परेशानी को जिम्मेदारों तक पहुंचाने के लिए मानसून की मुसीबत मुहिम शुरू की है। इस पर लोग अपनी समस्या साझा कर रहे हैं। उनकी परेशानियों को जिम्मेदारों तक पहुंचाने की कोशिश भी की जा रही है।

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स्ट्रीटलाइट बंद, कचरा भी नहीं उठ रहा

वार्ड 18 का तुलसीनगर भी समस्याओं से जूझ रहा है। यहां स्ट्रीट लाइटस बंद हैं और कचरा ठीक से नहीं उठ रहा है। जैन मंदिर के पास मकान नंबर 16 में रहने वाले सरोजकुमार जैन कहते हैं कि 1 महीने से स्ट्रीट लाइटस बंद हैं। कई शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। बारिश के मौसम मेें जहरीले जंतुओं का डर बना हुआ है। यही स्थिति सफाई की है। झाडू लग जाती है लेकिन कचरा नहीं उठ रहा है। वार्ड का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रवि राय के पास है।

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वह नगरनिगम में नेता प्रतिपक्ष के ओहदे पर भी हैं, पर वह अपने ही वार्ड की समस्या हल नहीं करा पा रहे हैं। वह कहते हैं स्ट्रीटलाइट बंद होने की समस्या पूरे शहर की है। उनके वार्ड की ही 1600 में से 120 लाइटें बंद हैं। इस संबंध में अफसरों को कहते हैं लेकिन सुधार नहीं होता। स्मार्टसिटी के कार्यपालन यंत्री और नगरनिगम की प्रकाश व्यवस्था के प्रभारी पलाश जैन स्ट्रीटलाइट खराब होने की समस्या को सिरे से नकारते हैं। वह कहते हैं कि शहर की 96 फीसदी स्ट्रीटलाइटस चालू हैं। वह ज्ञान बांटते हुए कहते हैं कि बाहरी क्षेत्र की कई कॉलोनियां नगरनिगम के हैंडओवर ही नहीं हैं। इनका मेंटेनेस कॉलोनाइजर को करना है। पर लोग नगरनिगम को जिम्मेदार ठहराते हैं। हमारी सभी कॉलोनियों में प्रकाश व्यवस्था एकदम चाक-चौबंद है।

दो तरफ से नाला बनाया, बीच में अधूरा छोड़ा

वार्ड 35 में मंछामन चौराहे के पास सांईधाम कॉलोनी है। कॉलोनी के दोनों तरफ बड़े रोड हैं। इनमें से एक रोड कवेलू कारखाने से हरिफाटक ब्रिज तक जाता है। मार्ग का चौड़ीकरण हो रहा है और इसके दोनों तरफ नाले बनाए जा रहे हैं। ठेकेदार जिंदल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने शिवालय रेस्ट हाउस के आगे नाला अधूरा छोड़ दिया है। करीब बीस फीट लंबे अधूरे निर्माण के कारण रेस्टहाउस में एंट्री नहीं हो पा रही है और संचालक राजेश जोशी परेशान हैं। वह कहते हैं मंछामन गणेश चौराहा के नजदीक उनका गेस्ट हाउस है। ग्राहक रिस्क नहीं ले रहे। कारोबार ठप है। कहने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है।

चौड़ीकरण के कारण रुका है काम

वार्ड 35 के पार्षद संग्रामसिंह भाटिया नव भाजपाई हैं। टिकट मिलने से पहले वह कांग्रेस में थे। वह कहते हैं कि मंछामन गणेश चौराहे का चौड़ीकरण होना है, इस वजह से काम रुका हुआ है। फिर भी समस्या है तो इसे दिखवाते हैं।

तीन फीट की नाली चोक, बारिश का पानी भरा रहा

वार्ड नंबर 47 के बालीनाथ नगर में नाली चोक होने की समस्या है। दरअसल यहां तीन फीट की नाली अपने अंतिम सिरे पर पहुंचकर पूरी तरह बंद हो गई है। ऐसे में नाली का पानी मुख्य नाले तक बड़ी मुश्किल से पहुंच रहा है। रहवासी संजय मेहरा कहते हैं कि नाली पर अतिक्रमण हो गया है। लोगों ने उसे बंद कर दिया है। करीब 100 लोग गली में रहते हैं। नाली बंद है और संकरी हो गई है। अंतिम सिरे पर चूहों ने नाली को खोखला कर दिया है। ऐसे में बारिश का मौसम मुसीबत बन गया है। वार्ड का प्रतिनिधित्व भाजपा पार्षद दिव्या बलवानी करती हैं। उनका काम देवर गोपाल बलवानी देखते हैं। नागरिकों की शिकायत हैं कि वह फोन ही नहीं उठाते। दिव्या बलवानी को मोबाइल लगाया तो सेवा बंद रहने का मैसेज बड़ी देर तक आता रहा।

अब तक कच्ची है सड़क कीचड़ से गुजरते हैं लोग

वार्ड 40 के पंवासा इलाके में मालवा चाल वाली रोड की हालत मानसून ने खराब कर दी है। सड़क पहले से ही कच्ची थी और अब इस पर चलना दूभर हो गया है। सड़क के एक ओर से आने वाला पानी कीचड़ कर रहा है और लोग वाहनों से फिसल कर गिर रहे हैं। कीचड़ से बचाने के लिए चूरी डालनी थी लेकिन यहां पीली मिट्टी डाल दी गई। अब हाल यह है कि रोजाना हादसे हो रहे हैं। रहवासी रमेश चौहान बताते हैं कि दिन भर में 5 से 10 लोग गिर रहे हैं और जख्मी हो रहे हैं। पार्षद हर बार सड़क बनाने की बात करती हैं, चार साल से अब तक नहीं बनी। क्षेत्र की पार्षद जानी बाई राठौर हैं। वह भाजपा से आती हैं। इस संबंध में उनसे चर्चा की कोशिश की गई लेकिन फोन बंद मिला। इस वार्ड में भाजपा के नगर महामंत्री आनंदङ्क्षसह खींची भी रहते हैं।

अक्षरविश्व इंपेक्ट : आगर रोड पर गड्ढों की मरम्मत

उज्जैन। आगर रोड पर मिट्टी की जांच के लिए खोदे गए गड्ढों की निर्माणकर्ता एजेंसी ने बुधवार शाम को मरम्मत कर दी। मकोडिय़ाआम नाका से देवासगेट तक प्रस्तावित एलिवेटेड ब्रिज बनाने के पहले यहां मिट्टी परीक्षण किया जा रहा है। उसी के तहत जगह-जगह बीच रोड पर ड्रिल कर मिट्टी निकाली जा रही है। कंपनी ने ड्रिल कर खोदे गए गड्ढों को खुला ही छोड़ दिया था, जिसे बुधवार को अक्षर विश्व ने प्रमुखता से उठाया था। बुधवार शाम को कंपनी ने सड़क के गड्ढों की मरम्मत कर दी।

अपने वार्ड की समस्या हमें भेजें
अगर आप भी अपने वार्ड में सड़क, गंदगी, कीचड़, पानी, बिजली की समस्या का सामना कर रहे हैं तो अपनी समस्या हमें भेजिए। इसे हम जिम्मेदारों तक पहुंचाएंगे। सूचना हमें मोबाइल नंबर 9826311828 पर दे सकते हैं।

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