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चरवाहा नदी में डूब गया, भैंसें घर लौट गईं, मालिक के इंतजार में रातभर किनारे बैठा रहा कुत्ता

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नवाखेड़ा में रहने वाला चरवाहा सुबह अपनी भैंसें, पानी की बॉटल लेकर पालतू कुत्ते के साथ नदी किनारे जंगल गया। शाम को भैंसें तो वापस घर आ गईं लेकिन वह नहीं लौटा। परिजन ने उसकी तलाश की और नहीं मिला तो नानाखेड़ा थाने में सूचना दी। सुबह परिजन फिर तलाश में निकले। उन्होंने नदी किनारे युवक के पालतू कुत्ते को वहीं बैठा देखा। शंका हुई तो नदी के आसपास तलाश की जहां युवक का शव मिल गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया है।

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नवाखेड़ा निवासी 28 वर्षीय विष्णु पिता धारूनाथ रविवार सुबह 9-10 बजे के बीच अपनी भैंसें लेकर जंगल के लिए निकला था। उसके साथ पालतू कुत्ता, पानी की बॉटल व डंडा भी था। शाम को भैंसें घर लौट आईं, लेकिन विष्णु नहीं आया न ही उसका कुत्ता लौटा। घर वालों ने उसकी तलाश शुरू की। देर रात तक उसका कोई पता नहीं चला तो नानाखेड़ा थाने में सूचना भी कर दी। सुबह भाई मांगू शिप्रा नदी किनारे पहुंचा।

वहां विष्णु का पालतू कुत्ता बैठा था। रात भर कुत्ता वहां से नहीं उठा तो मांगू को शंका हुई। उसने अन्य परिजन को नदी किनारे बुलाया और आसपास विष्णु की तलाश शुरू कराई। कुछ ही देर में विष्णु की पानी की बॉटल, डंडा मिला तो शंका पुख्ता हो गई और बाद में उसका शव नदी में मिल गया। तैराकों की मदद से परिजन ने नदी से शव निकालकर चरक अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर द्वारा शव का पोस्र्टमार्टम किया गया।

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दो बेटियां हो गईं अनाथ
मांगू ने बताया कि विष्णु विवाहित था। उसकी दो बेटियां हैं। वह भैंसें पालता था और प्रतिदिन उन्हें चराने के लिए जंगल जाता था। खास बात यह कि विष्णु अच्छा तैराक भी था उसके बावजूद नदी में कैसे डूब गया इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट के बाद हो पाएगा। नानाखेड़ा थाना पुलिस ने मामले में जांच शुरू की है।

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