आज चंद्रग्रहण… श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था में बदलाव नहीं

एक घंटे पहले होगी शयन आरती, अन्नक्षेत्र में श्रद्धालुओं को नहीं मिलेगा भोजन प्रसाद, मोक्ष होने पर धोया जाएगा मंदिर परिसर
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भाद्रपद की पूर्णिमा पर रविवार को पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इसका सूतक काल दोपहर 12.58 बजे से शुरू हो गया है। इस खगोलीय घटना को शहरवासी देख भी सकेंगे। हालांकि, ग्रहण को लेकर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में शयन आरती एक घंटा पहले होगी और चंद्रग्रहण की शुरुआत के साथ ही मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। मोक्ष के बाद मंदिर परिसर को धोकर उसका शुद्धिकरण किया जाएगा। इसके बाद तडक़े 4 बजे भस्मार्ती होगी।
शासकीय जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक डॉ. राजेंद्र प्रकाश गुप्त ने बताया कि चंद्रग्रहण का प्रारंभ रविवार रात 9.56 बजे से होगा। मध्य की स्थिति रात 11.41 बजे होगी। इस समय चंद्रमा का 136.8 प्रतिशत भाग पृथ्वी की छाया से ढंका हुआ दिखाई देगा यानी पूर्ण चंद्रग्रहण की स्थिति होगी। मोक्ष की स्थिति 8 सितंबर को देर रात 1.26 बजे पर होगी। आसमान में बादल नहीं होने पर इस चंद्रग्रहण को शहरवासी भी देख सकेंगे। वेधशाला ने भी ग्रहण दिखाने की व्यवस्था की गई। दरअसल, चंद्रग्रहण की स्थिति में पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में होती है और पूर्ण चंद्रग्रहण की स्थिति में पृथ्वी की छाया से चंद्रमा का पूरा भाग ढंक जाता है इसलिए इसे पूर्ण चंद्रग्रहण कहा जाता है।
मंदिर और परिसर का किया जाएगा शुद्धिकरण
श्री महाकालेश्वर मंदिर में शयन आरती रात 10.30 बजे के बजाय एक घंटा पहले 9.30 बजे होगी और रात 9.58 बजे के पहले पट बंद कर दिए जाएंगे। ग्रहण समाप्ति के बाद परंपरा अनुसार श्री महाकालेश्वर मंदिर और परिसर को धुलवाकर शुद्धिकरण किया जाएगा। दर्शन व्यवस्था में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। सामान्य रूप से दर्शन जारी हैं।
अन्नक्षेत्र में भक्तों को भोजन प्रसादम् नहीं
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा संचालित नि:शुल्क अन्नक्षेत्र में चंद्रग्रहण के कारण रविवार को भोजन प्रसादम् का वितरण नहीं किया जा रहा है। सोमवार से अन्नक्षेत्र फिर से नियमित समय पर खुलेगा। बता दें अन्नक्षेत्र में रोज 3 से 5 हजार श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण करते हैं। दो मंजिला भवन में एक साथ 700 श्रद्धालु एक बार में भोजन कर सकते हैं। अन्नक्षेत्र दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। मंदिर समिति, मंदिर परिसर और महाकाल महालोक स्थित काउंटर से श्रद्धालुओं को भोजन कूपन उपलब्ध करवाती है। भोजन आधुनिक मशीनों की मदद से तैयार किया जाता है।










