एक नंबर से चला रहे थे दो इनोवा

फायनेंस कंपनी से बचने के लिए इंदौर की गाड़ी चल रही थी उज्जैन में

वीआईपी काफिले में भी घुमा रहे थे पुलिस ने धरदबोचा
उज्जैन में भांजा चला रहा था इंदौर में रहने वाली मामी की गाड़ी
मॉडल और कलर अलग होने से गाड़ी नजर में आई
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। माधवनगर पुलिस ने एक नंबर पर चल रही दो इनोवा गाड़ी को पकड़ा है। मंगलवार रात को पकड़ी गई इन गाडिय़ों में एक इंदौर की है जो फायनेंस से बचने के लिए नंबर बदलकर उज्जैन में चलाई जा रही थी। दोनों ही वाहन के मालिक आपस में रिश्तेदार हैं।
माधवनगर पुलिस को मंगलवार शाम को सूचना मिली थी कि उज्जैन में एक नंबर एमपी ४५-सी-१३४३ पर दो इनोवा वाहन चल रहे हैं। जिसमें से एक वाहन इंदौर का है और फायनेंस कंपनी को किश्त जमा नहीं होने के कारण उसकी तलाश है। पुलिस को यह सूचना फायनेंस कंपनी के अधिकारियों ने दी। इस सूचना पर माधवनगर पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और तलाशी अभियान चलाया। जिस पर पुलिस को उस नंबर पर दोनों वाहन मक्सी रोड स्थित अंजुश्री कॉलोनी से मिल गये। दोनों वाहनों को पुलिस माधवनगर थाने ले आई। दोपहर में फायनेंस कंपनी के अधिकारी और वाहन मालिकों से पूछताछ के बाद और खुलासे होंगे।
उज्जैन के दो भाई चला रहे थे वाहन
माधवनगर टीआई राकेश भारतीय ने बताया कि एमपी ४५-सी-१३४३ नंबर का वाहन अंजुश्री कॉलोनी में रहने वाले सुनील रायकवार और उसका भाई सोनू किराए पर चलाते थे। जिसमें से एक वाहन तो उनके ही नाम है और दूसरा उनकी मामी शीला रायकवार निवासी इंदौर के नाम पर है। फायनेंस कंपनी के अधिकारियों को इंदौर के वाहन की तलाश थी। जिसे नंबर बदलकर उज्जैन में चलाया जा रहा था। दोनों वाहनों के मालिक और फायनेंस कंपनी के अधिकारियों को दोपहर बाद थाने बुलाया है। इसके बाद पूरी स्थिति साफ होगी।
फायनेंस कंपनी को धोखा देने के और भी मामले आ सकते हैं सामने
इंदौर का वाहन उज्जैन में भानजे सुनील के जरिए किराए पर चलाने का उद्दैश्य फायनेंस कंपनी को धोखा देना माना जा रहा है। बड़े वाहन फायनेंस कराने के बाद उसे उस शहर से हटाकर दूसरे शहर में नंबर प्लेट बदलकर चलाया जाता है, ताकि किश्ते जमा नहीं होने पर फायनेंस कंपनी उस वाहन को तलाश नहीं कर सके। इस केस में वाहन का कलर और मॉडल अलग होने की वजह से जानकारी मिलने पर तुरंत पकड़ में आ गया। पूछताछ के बाद ऐसे और भी मामले सामने आने की पुलिस को संभावना है।
वीआईपी काफिले में भी शामिल होते थे वाहन
सूत्रों के मुताबिक यह इनोवा वाहन शहर के वीआईपी काफिला मेें भी शामिल होते थे। निजी तौर पर शहर के प्रभावशाली ये वाहन ले जाते थे। यहीं से फायनेंस कंपनी को मॉडल नंबर के आधार पर वाहन उज्जैन में होने की सूचना मिली थी। हालांकि माधवनगर टीआई श्री भारती ने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की है।









