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एनालॉग पनीर की तलाश में उज्जैन की होटलों में दबिश

प्रतिष्ठित होटल और रेस्टोरेंट से लिए सैंपल, मंत्री के बयान के बाद कार्रवाई में तेजी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। प्रदेश में एनालॉग पनीर की खपत अधिक होने की चर्चा के बीच उज्जैन में भी चैकिंग अभियान तेज हो गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के प्रमुख होटलों पर पनीर की सैंपलिंग की है।

महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और गुजरात में एनालॉग पनीर प्रतिबंधित किए जाने के बाद मध्यप्रदेश में इसकी खपत बढ़ गई है। पनीर खपत के प्रमुख शहरों में उज्जैन भी शामिल है। सूत्रों के मुताबिक शहर में ही करीब 30 क्विंटल से अधिक पनीर की खपत होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग को आशंका है कि होटलों पर उपयोग होने वाला पनीर एनालॉग हो सकता है। इस कारण मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर की प्रमुख होटलों पर सैंपलिंग की। टीम ने यहां पनीर के साथ ही देसी घी, दाल-चाल आदि की सैंपलिंग भी की है।

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वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंतदत्त शर्मा ने बताया कि विभाग इन दिनों मिलावटी घी के खिलाफ पूरे प्रदेश में अभियान चला रहा है। इसी तरह अब पनीर की गुणवत्ता जांचने का भी अभियान शुरू किया गया है।

इन होटलों पर चला सर्चिंग अभियान

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वराय होटल एंड रिसोर्ट प्रा. लि. (इंदौर रोड) : यहां से पनीर, तुअर दाल, चावल और गेहूं के आटे के नमूने लिए गए।

होटल मेघदूत : पनीर और हल्दी पाउडर का नमूना लिया गया।

महालोक ढाबा : पनीर और सनफ्लावर ऑयल के नमूने लिए।

रुद्राक्ष होटल एंड रिसोर्ट्स : होटल से पनीर और बेसन के नमूने लिए गए।

एवेन्यू सुपरमार्ट (डीमार्ट) : पॉपकॉर्न का नमूना लिया।

क्या है एनॉलाग पनीर

जिन्हें दूध से बने पनीर से परहेज होता है, उनके लिए एनॉलाग पनीर कृत्रिम रूप से तैयार होता है जिसमें वनस्पति घी, स्टार्च और पॉम आइल का इस्तेमाल होता है। दूध से बने पनीर की अपेक्षाकृत कीमत लगभग आधी होती है। स्वाद पनीर की तरह ही होता है, इस कारण होटल-रेस्टोरेंट, केटरिंग में इसका उपयोग बढ़ा है। सेहत के लिए ठीक नहीं होने के कारण इसे गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ राज्यों में प्रतिबंधित किया गया है।

दूध-पनीर, ग्लूकोस भी मिलावटी मिले, 8.62 लाख का जुर्माना

दीपावली पर पकड़ा गुजरात का मावा नकली था

उज्जैन। दीपावली के पहले 24 अक्टूबर 2024 को अहमदाबाद से आई मावे की बड़ी खेप खाद्य सुरक्षा विभाग ने पकड़ी थी। यह एक तरह से मिठाई का रॉ मटेरियल था, जिसमें शकर आदि पहले से मौजूद थी। इसे सिर्फ गर्म करने पर मिठाई तैयार हो जाती थी। यह मटेरियल मिलावटी निकला है। एडीएम ने इस पर 2 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।

शहर में मिलावटी मिठाई, दूध, घी, पनीर का कारोबार करने वाले 14 प्रतिष्ठानों पर कुल 8 लाख 62 हजार रुपए का जुर्माना किया गया है। एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर की कोर्ट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जुर्माने के आदेश पारित किए हैं।

इन फर्मों पर की गई कार्रवाई

राजेश डेयरी प्रोडक्ट्स एवं जय श्री कृष्णा रजवाड़ी स्वीट्स : सबसे बड़ा जुर्माना लगाते हुए इन पर 2 लाख 75 हजार रुपए का जुर्माना किया गया।

तपन एग्रो इंडस्ट्रीज : अमानक घी के निर्माण और विक्रय के मामले में 1 लाख रुपए का जुर्माना।

गुजरात अंबुजा एक्सपोर्ट लिमिटेड : अमानक ग्लूकोज पाउडर के मामले में 75 हजार रुपए का जुर्माना।

मनोहर पटेल : बिना वैध पंजीयन के मिश्रित दूध के परिवहन पर 50 हजार रुपए का जुर्माना।

पालीवाल दूध भंडार (महिदपुर) : अमानक पनीर के निर्माण और संग्रहण के लिए 25 हजार रुपए का जुर्माना।

भव्य ट्रेडर्स (उज्जैन) : मिथ्याछाप मसालों के विक्रय एवं संग्रहण के लिए 15 हजार रुपए का जुर्माना।

ये भी कार्रवाई के घेरे में : इसके अलावा श्री बड़ा गणेश भोजनालय, चारभुजा दूध डेयरी, मेसर्स बिग बाजार, मेसर्स तुलसी ट्रेडर्स, पान पराग इंडिया लिमिटेड, मेसर्स महाप्रभु रेस्टोरेंट, पुखराज इंटरप्राइजेज और एच.डी. ट्रेडर्स के विरुद्ध भी जुर्माना किया गया।

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