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रोड चौड़ीकरण : सब कुछ ठीक चल रहा था, सोशल मीडिया पर फैली अफवाह ने पैदा किया तनाव

सूझबूझ से सुलझा मामला

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शहर काजी के घर पर भीड़ ने किया पथराव, मस्जिद की दुकानें खाली हुईं, निगम के सुरक्षा मित्रों ने पत्थर हटाकर साफ की सड़क

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सोशल मीडिया की जरा सी चूक किस कदर तनाव पैदा कर सकती है, इसका उदाहरण सोमवार को कंठाल चौराहा- छत्रीचौक सड़क चौड़ीकरण में दिखा। सहमति के बाद ग्रीन नेट लगाकर शाही मस्जिद के ऊपरी मंजिल को तोडऩे का काम जैसे ही शुरू हुआ, सोशल मीडिया में तोडफ़ोड जेसीबी-पोकलेन से करने की अफवाह फैलने लगी।

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इसने तीन बार तनाव की स्थिति पैदा की। संभागायुक्त आशीषसिंह ने खुद मोर्चा संभाला और माइक हैंडलर से कहा कि मस्जिद का हिस्सा आपका ही समाज हटा रहा है। वहां दूसरे लोग नहीं है। इसके बाद भी जब लोग नहीं माने तो लाठियां चलाई गई। भीड़ ने शहर काजी के घर को भी नहीं बख्शा और काजीवाड़ा पहुंचकर पथराव किया। मस्जिद का तीन फीट का हिस्सा टूटेगा। सफाई मित्रों ने पथराव के पत्थर चंद मिनट में समेट दिए।

तीसरी मंजिल की जालियां हटीं लकड़ी से खुद ही हटा रहे

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शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाना तकनीकी तौर पर थोड़ा दुष्कर है, क्योंकि यह पत्थरों पर बनी है। लोहे के औजारों का प्रयोग करने पर मस्जिद धंस ना जाए इसलिए जालियां तोडऩे का काम लकडिय़ों की मदद से किया जा रहा है। युवा जब जालियों को हटा रहे थे तो उनकी आंखों से आंसू झररहे थे। तीसरी मंजिल की जालियां हटाने का काम रात को पूरा हो गया था।

पांचों समय की नमाज जारी
मस्जिद में फजर, जौहर, असर, मगरीब और ईंसा की नमाज के समय काम बंद रखा जा रहा है। प्रभावित हिस्से को हटाने की कोई डेडलाइन नहीं है। पर माना जा रहा है कि पूरा काम पूरा होने में सात से दस दिन का समय लग सकता है।

4.50 फीट के बजाय 3 फीट हिस्सा हटाने पर बनी थी सहमति

रविवार पूरी रात प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के नुमाइंदों के बीच बातचीत का दौर चला। सारा मसला चौड़ाई कम करने पर टिका था। प्रशासन ४.५० फीट चौड़ाई में तुड़ाई चाहता था लेकिन समुदाय के लोग तैयार नहीं थे। ऐसे में ३ फीट चौड़ाई पर बात बनी। यह भी तय हुआ कि मस्जिद के स्ट्रक्चर को देखते हुए जेसीबी-पोकलेन का प्रयोग नहीं किया जाएगा। समुदाय के लोग खुद ही अपने संसाधनों से मस्जिद का हिस्सा हटाएंगे।

आमआदमी के लिए छत्रीचौक पूरी तरह बंद
फिलहाल बैरिकेडिंग कर छत्रीचौक को पूरी तरह बंद रखा गया है। यहां आम आदमी की आवाजाही नहीं है। प्रशासन-पुलिस और मीडिया को छोड़कर बाकी की एंट्री बंद है। यहां की दुकानें भी बंद हैं। क्षेत्र से सटा सराफा बाजार भी करीब-करीब बंद है। हालांकि लोगों का यहां तक आना-जाना जारी है।

चौक की बेंच पर ही बैठकर भोजन
सुबह और दोपहर के तनाव के बाद बड़े अफसर भी पूरे समय मोर्चा संभालकर बैठे रहें। संभागायुक्त आशीषसिंह और एडीजीपी राकेश गुप्ता ने छत्रीचौक की बेंच पर बैठकर भोजन किया। हालांकि पुलिसकर्मियों को उनके पाइंट पर ही महाकाल अन्नक्षेत से खाना भेजा गया।

रात में बदली डयूटी
सुरक्षा व्यवस्था को चाकचौबंद करने के लिए पुलिस की डयूटी भी बदली जा रही है। सोमवार शाम पीटीएस से नए फोर्स ने आमद दी। एसपी प्रदीप शर्मा ने उन्हें ड्यूटी के संबंध में ब्रीफ किया। सुबह फिर डयूटी बदली गई।

घुड़सवार दल भी रहा तैनात
एसपी ने की घोड़े की सवारी
उपद्रवियों के लिए घुड़सवार दल भी मौके पर था। कलेक्टर रौशनकुमारसिंह- एसपी प्रदीप शर्मा ने घोड़े से पूरा क्षेत्र नापा। इसके थोड़ी धमक बनी रही।

पत्थरों से पट गई सड़क

उपद्रवियों ने सब्जी मंडी रोड, अंडागली के आसपास की गलियों में पत्थर एकत्र कर रखे थे। यहीं से उन्होंने तीन बार पथराव किया। पत्थरों के कारण सड़क पट गई। फोर्स की आवाजाही को देखते हुए सफाई मित्रों ने तत्काल सफाई की। तनाव भरे माहौल के बीच महिला सफाईकर्मी मुस्तैदी से ड्यूटी पूरी करती रहीं।

गहमागहमी का केंद्र रहा टंकी चौराहा, यहीं चली आंसू गैस, लाठीचार्ज

शा ही मस्जिद मामले में गहमागहमी का सबसे प्रमुख केंद्र टंकी चौराहा रहा। सुबह पहली बार यहां १०.१५ बजे स्थिति बिगड़ी। जब जामा मस्जिद, अंडा गली तरफ से महिलाएं और पुरुष बहस करने लगे। उत्तेजित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेपिड एक्शन फोर्स ने फ्रंट संभाला तो अफसरो ंने उन्हें पीछे किया और कहा कि उनके आदेश तक वे आगे नहीं बढ़ें। गौरतलब है कि आरएएफ दंगाइयों कोतेजी से काबू में करती है।ें एसपी-कलेक्टर ने मौके पर जमाते ए उलेमा को लोगों को बुलाया। उन्होंने भीड़ के सामने साफ किया कि मस्जिद का हिस्सा समाजजन ही हटा रहे हैं, तब भीड़ छंटी।

दूसरी और तीसरी बार इसी जगह फिर से तनाव हुआ। तब संभागायुक्त ने मोर्चा संभाला और भीड़ को हटाया। हालांकि पथराव हुआ और आंसू गैस के गोले छोडऩे पड़े। साइड की गली से पहुंचे पुलिसकर्मियों ने डंडे बजाए तो भीड़ तितर-बितर हो गई। इसी भीड़ ने शहर काजी के घर पर पथराव किया।

सात प्रकरण दर्ज, 15 गिरफ्तार
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया पथराव और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने के मामले में अब तक 7 प्रकरण दर्ज हुए हैं। 15 लोगों को गिरफ्तार किया है।

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