हंगामा : लोकसभा कार्यवाही स्थगित, एक मिनट ही चली

मानसून सत्र का आज आखिरी दिन : संसद परिसर में सत्ता पक्ष-विपक्षी सांसदों का विरोध प्रदर्शन
लोकसभा में मोदी-शाह समेत पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे
नईदिल्ली, एजेंसी। मानसून सत्र के आखिरी दिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही एक मिनट ही चली। स्पीकर ओम बिरला ने वंदे मातरम गान कराया और इसके बाद कार्यवाही अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में मोदी-शाह समेत पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे। सत्ता पक्ष और विपक्षी सांसदों ने संसदर परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। 20 जुलाई से शुरू हुए सत्र में विपक्ष नीट पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर लगातार हंगामा कर रहा है। गृह मंत्री अमित शाह ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर संसद में चर्चा की पेशकश करते हुए बुधवार को स्पीकर को पत्र लिखा था। समय तय होने पर वे गुरुवार को जवाब दे सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को शाह का ‘लेक्चरÓ नहीं चाहिए।
संसद में हर मुद्दे पर जवाब दूंगा विपक्ष बहस शुरू करें: अमित शाह
संसद के मानसून सत्र में छात्रों के मुद्दे पर सरकार की विपक्ष से चर्चा करने की तमाम अपीलों के बाद बुधवार को खुद गृह मंत्री अमित शाह ने बयान देकर आखिरी दो दिनों में व्यापक चर्चा और खुद जवाब देने की पेशकश की। शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भी लिखा और कहा कि वह खुद विपक्ष सेे बात कर चर्चा के लिए तैयार करें। शाह ने कहा कि चर्चा के दौरान पूरे समय वह मौजूद रहेंगे और समय का कोई बंधन नहीं रहेगा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष आखिरी दिन भी चर्चा शुरू कर सकता है और सरकार सत्र की अवधि को भी बढ़ा सकती है। इसके बावजूद विपक्ष चर्चा के लिए तैयार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा के बजाय शाह के बयान देने पर अड़ा रहा। विपक्ष के इस पूरे रवैये पर सरकार ने गहरी निराशा जताई है।
सदन में उपदेश या भाषण नहीं सुनना : राहुल गांधी
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए गृह मंत्री के सदन में नहीं आने पर सवाल उठाया। कहा कि गृह मंत्री 20 दिन से नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष साफ कर चुका है कि उन्हें सदन में उपदेश या भाषण नहीं सुनना है। हम जानना चाहते हैं कि देश की युवा पीढ़ी, छात्रों पर पैलेट गन किसने चलाई। छात्रों को कील लगी लाठियों से पीटने का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि अगर गृह मंत्री ने यह आदेश दिया था तो उन्हें इसका दोषी माना जाना चाहिए। और अगर उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं थी, तो यह उनकी क्षमता पर सवाल उठाता है।









