गर्मी में कार AC की मौज, पर माइलेज का क्या? जानें कैसे बचाएं फ्यूल और न बिगड़े गाड़ी का हाल!

नई दिल्ली: चिलचिलाती गर्मी का सितम जारी है, और ऐसे में कार से सफर करने वालों के लिए एयर कंडीशनर (AC) किसी वरदान से कम नहीं। जाहिर है, गर्मी में AC का इस्तेमाल बढ़ जाता है, लेकिन इसके साथ ही एक चिंता भी सताती है – पेट्रोल की बढ़ती खपत और जेब पर पड़ता बोझ। तो आखिर कार में AC चलाने से माइलेज पर कितना असर पड़ता है और ईंधन की खपत कितनी बढ़ जाती है? आइए, इस गुत्थी को सुलझाते हैं और जानते हैं कुछ स्मार्ट तरीके जिनसे AC भी चलेगा और फ्यूल भी बचेगा।

इस वजह से बढ़ती है फ्यूल की खपत
दरअसल, कार का AC कंप्रेसर इंजन से जुड़ी बेल्ट के जरिए चलता है। जब आप AC ऑन करते हैं, तो इंजन को कार चलाने के साथ-साथ AC कंप्रेसर को भी घुमाना पड़ता है। इस अतिरिक्त लोड के कारण इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे पेट्रोल की खपत बढ़ जाती है। यह खपत तापमान, ड्राइविंग स्पीड और गाड़ी के प्रकार पर भी निर्भर करती है।
जाने-माने ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन के अनुसार, “कार में AC चलने पर ईंधन की खपत निश्चित रूप से बढ़ती है, लेकिन यह बहुत अधिक नहीं होती। कम दूरी की यात्राओं पर माइलेज पर खास फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, यदि आप लंबी यात्रा पर हैं और AC लगातार 3-4 घंटे चलता है, तो माइलेज में 5 से 10% तक की गिरावट आ सकती है।”
कैसे काम करता है कार का AC? (संक्षिप्त जानकारी)
जब आप कार में एयर कंडीशनर ऑन करते हैं, तो सबसे पहले कंप्रेसर रेफ्रिजरेंट गैस पर दबाव बनाता है। यह दबाव गैस को तरल में बदल देता है। इसके बाद यह तरल सिस्टम में घूमता है और केबिन की गर्मी को सोखकर बाहर फेंकता है, जिससे कार ठंडी होती है। रिसीवर ड्रायर नमी को हटाकर ठंडक को और बढ़ाता है। इंजन स्टार्ट होने के बाद ही AC कंप्रेसर से जुड़ी बेल्ट घूमती है और कूलिंग प्रक्रिया शुरू होती है।
AC भी चलेगा, माइलेज भी बचेगा: अपनाएं ये स्मार्ट तरीके
चिंता न करें! कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप गर्मी में AC का मजा भी ले सकते हैं और अपनी कार की माइलेज को भी बेहतर रख सकते हैं:
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शुरुआत में शीशे खोलें: अगर गाड़ी धूप में खड़ी थी, तो AC चलाने से पहले कुछ देर के लिए खिड़कियां खोल दें ताकि अंदर की गर्म हवा बाहर निकल जाए। इससे केबिन जल्दी ठंडा होगा और AC पर कम लोड पड़ेगा।
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सही तापमान सेट करें: AC को हमेशा सबसे कम तापमान (जैसे 16-18 डिग्री) पर चलाने से फ्यूल की खपत तेजी से बढ़ती है। इसे 22-24 डिग्री सेल्सियस पर सेट करना एक अच्छा संतुलन है, जिससे आराम भी मिलेगा और फ्यूल भी बचेगा।
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ठंडा होने पर AC की स्पीड कम करें या बंद करें: जब कार का केबिन संतोषजनक रूप से ठंडा हो जाए, तो आप AC ब्लोअर की स्पीड कम कर सकते हैं या थोड़ी देर के लिए AC बंद करके सिर्फ फैन चला सकते हैं। फिर जरूरत के हिसाब से दोबारा ऑन कर लें।
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रीसर्क्युलेशन मोड का इस्तेमाल: एक बार केबिन ठंडा हो जाने पर AC को रीसर्क्युलेशन मोड पर डाल दें। इससे AC को बाहर की गर्म हवा को बार-बार ठंडा नहीं करना पड़ेगा, बल्कि अंदर की ठंडी हवा को ही रीसर्क्युलेट करेगा, जिससे फ्यूल बचेगा।
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छांव में पार्किंग करें: कोशिश करें कि अपनी कार को धूप के बजाय छांव वाली जगह पर पार्क करें। इससे कार कम गर्म होगी और AC को उसे ठंडा करने में कम मेहनत करनी पड़ेगी।
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नियमित सर्विसिंग है जरूरी: AC सिस्टम की समय पर सर्विसिंग और फिल्टर की सफाई करवाते रहें। गंदा फिल्टर या कम रेफ्रिजरेंट होने पर AC को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे कूलिंग कम होती है और फ्यूल की खपत बढ़ती है।
इन आसान तरीकों को अपनाकर आप भीषण गर्मी में भी अपनी कार में ठंडे और आरामदायक सफर का आनंद ले सकते हैं, वह भी माइलेज की ज्यादा चिंता किए बिना!









