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सिंहस्थ की तैयारियां… हरिफाटक ब्रिज से महाकाल लोक तक अंडरपास का काम शुरू

अंडरपास की लंबाई 570 मी.  चौड़ाई 21मी. ऊंचाई 5.5 मी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकाल लोक के बनने के बाद से शहर में पर्यटन को पंख लग गए हैं। प्रतिदिन देशभर से हजारों श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं जिससे महाकाल मंदिर क्षेत्र में ट्रैफिक के दबाव काफी बढ़ गया है। इसके अलावा सिंहस्थ 2028 में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के मैनेजमेंट के लिए हरिफाटक ब्रिज से श्री महाकाल लोक तक बहुप्रतीक्षित अंडरपास का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग ने शुरू कर दिया है। शुरुआती चरण में हरिफाटक ब्रिज के समीप बनाई गई स्मार्ट पार्किंग को हटाकर वहां अंडरपास के लिए खुदाई की जा रही है।

प्रस्तावित अंडरपास की लंबाई 570मीटर, चौड़ाई 21 मीटर और ऊंचाई 5.5 मीटर होगी। इस मार्ग को श्री महाकाल लोक के नंदी द्वार क्षेत्र से जोड़ा जाएगा ताकि मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और घूमने आने वाले पर्यटकों को वैकल्पिक और आसान रास्ता उपलब्ध हो। साथ ही वाहनों के दबाव के चलते पल-पल लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी। इसके निर्माण पर 36 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जबकि शासन इस परियोजना के लिए 91.75 लाख रुपए स्वीकृत कर चुका है।

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निर्माण एजेंसी गुजरात की वीआरएस कंस्ट्रक्शन कंपनी है जिसे अनुबंध के मुताबिक जून 2027 से पहले काम पूरा करना होगा। ज्ञात रहे कि ट्रैफिक मैनेजमेंट को मजबूत करने के लिए 304 किमी लंबी 26 नई सड़कें बनाई जा रही हैं जो ना केवल शहर का विस्तार करेंगी बल्कि भविष्य के लिए ईकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में भी विकसित होंगी। इसके अलावा 52 सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है ताकि पुराने शहर में भी ट्रैफिक सुगमता से चलता रहे।

वाहनों का दबाव घटेगा जाम से मिलेगी मुक्ति

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हरिफाटक अंडरपास श्री महाकाल लोक के नंदी द्वार से जुड़ेगा। इससे मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और घूमने आने वाले पर्यटकों को वैकल्पिक और आसान रास्ता मिलेगा। ऐसे में मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव घटेगा और जाम लगने की समस्या से भी मुक्ति मिलेगी। गुरुद्वारा तिराहा अंडरपास पश्चिमी क्षेत्र का ट्रैफिक संभालेगा जो मेला क्षेत्र की ओर जाने वाले वाहनों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग रहेगा।

वहीं कार्तिक मेला ग्राउंड अंडरपास सिंहस्थ के समय में एंट्री और एग्जिट को सुगम बनाएगा। ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए अन्य स्थानों पर भी संरचनात्मक सुधार प्रस्तावित है। लक्ष्य यह है कि सिंहस्थ से पहले धार्मिक नगरी उज्जैन को सुरक्षित, स्मार्ट और व्यवस्थित ट्रैफिक वाले मॉडल शहर के रूप में विकसित किया जाए।

जरूरतों को देखते हुए तीन अंडरपास की योजना

सिंहस्थ २०२८ में करीब ३० करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने शहर में एक नहीं बल्कि तीन आधुनिक अंडरपास को विकसित करने की योजना है। नगरीय प्रशासन और शहरी विकास निदेशालय ने मेजर रोड एंड जंक्शन इंटरवेंशन योजना तैयार की है जिसका उद्देश्य सड़क नेटवर्क को इस तरह बनाना है कि भीड़भरी सड़कों पर भी ट्रैफिक सुगमता से चलता रहे। इसके साथ बिना रुके इमरजेंसी सेवाओं का भी निर्बाध संचालन हो सके। प्रस्तावित तीनों अंडरपास की संरचना शहर की जरूरतों को देखते हुए अलग-अलग ट्रैफिक झोन के अनुसार तय की गई है।

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