जिम या क्रिकेट खेलते समय क्यों आता है हार्ट अटैक?

जिम में वर्कआउट करते समय या क्रिकेट खेलते हुए अचानक किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने की खबर अक्सर लोगों को चौंका देती है। खासकर तब, जब व्यक्ति देखने में फिट और एक्टिव हो। इससे सवाल उठता है कि आखिर एक्सरसाइज करते समय हार्ट अटैक या अचानक दिल से जुड़ी गंभीर समस्या क्यों हो सकती है?
दरअसल, नियमित एक्सरसाइज दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन बहुत ज्यादा मेहनत, पहले से मौजूद हृदय रोग या बिना तैयारी के अचानक हैवी वर्कआउट करने से कुछ लोगों में जोखिम बढ़ सकता है।
- एक्सरसाइज के दौरान दिल पर क्यों बढ़ता है दबाव?
जब हम क्रिकेट खेलते हैं, दौड़ते हैं या जिम में भारी वजन उठाते हैं, तो शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। इसके लिए दिल तेजी से धड़कता है और शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। स्वस्थ व्यक्ति में यह सामान्य प्रतिक्रिया है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति की धमनियों में पहले से रुकावट हो या दिल से जुड़ी कोई समस्या हो, तो ज्यादा मेहनत के दौरान हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। कुछ मामलों में यही गंभीर स्थिति का कारण बन सकता है।
- फिट दिखने वाला व्यक्ति भी हो सकता है जोखिम में
कई बार व्यक्ति को खुद नहीं पता होता कि उसे हृदय से जुड़ी कोई समस्या है। कुछ जन्मजात या आनुवंशिक बीमारियां लंबे समय तक बिना स्पष्ट लक्षण के रह सकती हैं। ऐसे में अचानक तेज दौड़ना, लंबे समय तक खेलना या भारी वजन उठाना समस्या को सामने ला सकता है। इसलिए कम उम्र या फिट दिखने का मतलब यह नहीं है कि हृदय से जुड़ा हर जोखिम खत्म हो गया है।

- अचानक हैवी वर्कआउट से बचें
लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं करने वाले व्यक्ति को अचानक भारी वजन उठाने या बहुत तेज वर्कआउट शुरू करने से बचना चाहिए। शरीर को धीरे-धीरे मेहनत का आदी बनाना बेहतर होता है। वर्कआउट से पहले वार्म-अप करें, पर्याप्त पानी पिएं और अपनी क्षमता के अनुसार ही एक्सरसाइज की तीव्रता बढ़ाएं। अगर लंबे ब्रेक के बाद हैवी एक्सरसाइज शुरू कर रहे हैं या पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
- एक्सरसाइज छोड़ना नहीं, सही तरीके से करना जरूरी
हार्ट अटैक की खबरों के कारण एक्सरसाइज या खेल पूरी तरह छोड़ देना समाधान नहीं है। नियमित शारीरिक गतिविधि स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि अपनी उम्र, फिटनेस और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार एक्सरसाइज करें और शरीर के चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें।









