मोबाइल पर बात करते युवक ने ट्रेन के सामने छलांग लगा दी

मोबाइल से पहचान प्राइवेट फायनेंस का काम करता था

उज्जैन। एक युवक रात करीब 11.20 बजे चिंतामन रेलवे ब्रिज के नीचे पहुंचा। वह मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। जैसे ही ट्रेन सामने से आई तो उसने चलती ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। लोको पायलेट ने जीआरपी को इसकी सूचना दी। नीलगंगा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया।
घट्टिया में रहने वाला अनिल पिता लक्ष्मण प्रजापत प्राइवेट फायनेंस का काम करता था। काम के सिलसिले में वह उज्जैन आया था। देर रात वह अपनी मोटर साइकिल से चिंतामन ब्रिज पहुंचा। ब्रिज पर वाहन खड़ा कर वह नीचे रेलवे ट्रैक पर चला गया। अनिल मोबाइल पर किसी से बातचीत कर रहा था उसी दौरान सामने से ट्रेन आई।
उसने चलती ट्रेन के सामने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। लोको पाइलेट ने इसकी सूचना जीआरपी को दी जिसके बाद नीलगंगा थाने ने जांच शुरू करते हुए शव को पीएम रूम में रखवाया। अनिल के मोबाइल पर किसी का कॉल आया जिससे उसकी शिनाख्त हुई। उसके भाई मुकेश ने बताया कि अनिल के दो बच्चे थे। दो साल पहले बेटे की सांप के काटने से मृत्यु हो गई थी। आत्महत्या के कारणों की जानकारी नहीं मिली है।उज्जैन। एक युवक रात करीब 11.20 बजे चिंतामन रेलवे ब्रिज के नीचे पहुंचा। वह
मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। जैसे ही ट्रेन सामने से आई तो उसने चलती ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। लोको पायलेट ने जीआरपी को इसकी सूचना दी। नीलगंगा थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया। घट्टिया में रहने वाला अनिल पिता लक्ष्मण प्रजापत प्राइवेट फायनेंस का काम करता था। काम के सिलसिले में वह उज्जैन आया था। देर रात वह अपनी मोटर साइकिल से चिंतामन ब्रिज पहुंचा।
ब्रिज पर वाहन खड़ा कर वह नीचे रेलवे ट्रैक पर चला गया। अनिल मोबाइल पर किसी से बातचीत कर रहा था उसी दौरान सामने से ट्रेन आई। उसने चलती ट्रेन के सामने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।
लोको पाइलेट ने इसकी सूचना जीआरपी को दी जिसके बाद नीलगंगा थाने ने जांच शुरू करते हुए शव को पीएम रूम में रखवाया। अनिल के मोबाइल पर किसी का कॉल आया जिससे उसकी शिनाख्त हुई। उसके भाई मुकेश ने बताया कि अनिल के दो बच्चे थे। दो साल पहले बेटे की सांप के काटने से मृत्यु हो गई थी। आत्महत्या के कारणों की जानकारी नहीं मिली है।









