अपनों के बीच भावुक हुए CM , जन्मदिन पर पलक-पावड़े बिछाए जनता ने

एनसीआर की तर्ज पर मालवा बनेगा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। डॉ. मोहन यादव के जन्मदिवस पर बुधवार को शहर में कई जगह उत्सव मने। हेलीपैड से लेकर शहर के गलियारों तक, अपने नेता की एक झलक पाने और उन्हें बधाई देने के लिए जगह-जगह लोग पहुंचे। शहर में जगह-जगह मंचों से उन पर फूलों की वर्षा हुई और पटाखों की गूंज के साथ उनका अभिनंदन किया गया। कालिदास संस्कृत अकादमी में तो आलम यह था कि मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल किनारे कर नन्हे बच्चों को गले लगाया और बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका स्नेह प्राप्त किया।
हृदय सुरक्षा मॉडल अब पूरे मध्य प्रदेश में होगा लागू
कालिदास संस्कृत अकादमी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य में पिछले दो माह से चल रहे नि:शुल्क हृदय जांच शिविर के समापन मौके पर मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि उज्जैन का यह सफल नवाचार अब पूरे प्रदेश में एक अभियान के रूप में चलाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हृदयाघात जैसी गंभीर बीमारी से असमय होने वाली मौतों को रोकना सरकार की प्राथमिकता है। इस अभियान के तहत जिले में 104 स्थानों पर शिविर लगाकर 26 हजार लोगों की जांच की गई और 48 गंभीर मरीजों की बायपास सर्जरी कर उन्हें नया जीवन दिया गया।इस सेवा यज्ञ में जुटीं आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए मुख्यमंत्री ने 2-2 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का ऐलान कर उनका मान बढ़ाया।
इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र से मालवा की होगी वैश्विक पहचान
प्रेस क्लब उज्जैन में पत्रकारों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास का एक बड़ा विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर इंदौर और उज्जैन सहित आसपास के जिलों को मिलाकर देश का सबसे बड़ा मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उज्जैन अब केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस एक मेट्रो शहर के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। उन्होंने उज्जैन प्रेस क्लब के आधुनिक भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव मांगा और मीडिया जगत से आह्वान किया कि वे सिंहस्थ 2028 की भव्यता को पूरी दुनिया तक पहुंचाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
आकाशवाणी से मन की बात: 1 करोड़ लोगों तक पहुंचा संदेश
बुधवार को ही मुख्यमंत्री ने आकाशवाणी उज्जैन केंद्र से प्रदेशवासियों को संबोधित किया, जिसे प्रदेश के 17 केंद्रों से एक साथ प्रसारित किया गया। लगभग 1 करोड़ से अधिक लोगों ने मुख्यमंत्री के इस संबोधन को सुना। डॉ. यादव ने वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि सरकार हर खेत तक सिंचाई और आधुनिक तकनीक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सिंहस्थ के लिए 13.5 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों, शिप्रा की निर्मलता के लिए चल रहे रिवर फ्रंट प्रोजेक्ट और नई शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन जैसी उपलब्धियों को प्रदेश की जनता के सामने रखा। मुख्यमंत्री ने अंत में भावुक स्वर में कहा कि यह विकास यात्रा उनकी अकेले की नहीं, बल्कि प्रदेश के हर नागरिक के विश्वास की साझा यात्रा है।









