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उज्जैन:चरक अस्पताल में 85 बेड पर 109 बच्चे भर्ती

वार्ड में 20 नर्सों के स्टाफ की जरूरत सिर्फ 13 ड्यूटी पर…

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400 से अधिक लोग रोज पहुंच रहे खून की जांच कराने

उज्जैन।शहर में वायरल फीवर और डेंगू, मलेरिया की चपेट में आकर सबसे अधिक बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। सरकारी चरक अस्पताल में बच्चों को भर्ती करने के लिये तीन वार्डों में कुल 85 बेड हैं जिनमें 109 बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है और स्टाफ की संख्या कम होने से बीमार बच्चों के परिजन आक्रोशित हो रहे हैं।

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बच्चों के उपचार के लिये चरक अस्पताल में वार्ड नंबर 102, 107 और 132 में कुल 85 बेड हैं, लेकिन वर्तमान में इन वार्डों में 109 बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। खास बात यह कि एक बेड पर दो बच्चों को भी भर्ती किया जा रहा है। बच्चों के उपचार में लगे डॉक्टर्स ने चर्चा में बताया कि वर्तमान में वायरल बुखार से पीडि़त बच्चों की संख्या अधिक है जिनमें सर्दी, खांसी, बुखार, पेट दर्द, उल्टी की शिकायतें आ रही हैं। कुछ बच्चों में मलेरिया व डेंगू भी पाया गया है जिनका उपचार जारी है।

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चरक अस्पताल के शिशु वार्ड में तीन शिफ्टों में कुल 13 नर्सें ड्यूटी कर रही है, लेकिन इनके पास अतिरिक्त काम होने के कारण वार्ड में नर्स पूरे समय मौजूद नहीं रहतीं जिससे बच्चों के परिजन आक्रोशित हो रहे हैं। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. पीएन वर्मा ने बताया कि स्टॉफ की कमी से कलेक्टर को अवगत करा चुके हैं। मुख्यालय में पत्र भी लिखा है।

चरक अस्पताल की पहली मंजिल पर सेंट्रल पैथालॉजी लैब स्थित है। यहां पर जिला चिकित्सालय, चरक अस्पताल में भर्ती शिशु एवं महिला मरीजों के ब्लड की जांच की जाती है। लैब कर्मचारियों ने बताया कि वायरल बुखार के अलावा डेंगू और मलेरिया से भी लोग बीमार हो रहे हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज ब्लड सेंपल देने लैब में आ रहे हैं जिन्हें शाम 5.30 बजे बाद जांच रिपोर्ट दी जा रही है।

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