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एक भूला सा सेनानी राजाभाऊ महाकाल’ नाटक का मंचन, कलाकारों ने अभिनय से गहरी छाप छोड़ी

उज्जैन। परिष्कृत सामाजिक, सांस्कृतिक संस्था द्वारा कालिदास अकादमी में नाटक एक भूला सा सेनानी का मंचन हुआ। साथ ही कला साधकों को परिष्कृति कला तपस्वी सम्मान से सम्मानित भी किया गया।

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नाटक का लेखन और निर्देशन वरिष्ठ रंगकर्मी सतीश दवे द्वारा किया गया। नाटक का कथानक महाकाल के पुजारी के बेटे राजाभाऊ महाकाल को केंद्र में रखते हुए बुना गया। जो अनुशासित, समाजसेवी होते हुए संघ की विचारधारा पर कार्य करने के लिए सोनकच्छ की ओर प्रस्थान कर देशव्यापी जनचेतना जागृत करने के लिए आरएसएस की विचारधारा से जुड़ते हैं।

एक प्रचारक के तौर पर बंगाल के अकाल पीडि़त लोगों के लिए धन एकत्रित करते हुए एक देश एक झंडा एक विधान के कथन को लेकर आगे बढ़ते हुए कई सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक अनुष्ठानों के सजग प्रहरी बनकर आगे बढ़ते हैं। नाटक में राजाभाऊ की भूमिका में हर्षित शर्मा और सूत्रधार जगन्नाथ जोशी की भूमिका में शुभम सत्यप्रेमी एवं साथियों ने अपने अभिनय से दर्शकों के मस्तिष्क पटल पर गहरी छाप छोड़ते हैं।

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