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खान सर आज नहीं करेंगे सरेंडर, वकील बोले- पहले लेंगे अग्रिम जमानत; FIR को बताया गलत

पटना में चर्चित शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को लेकर मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस बीच खान सर के वकील पटना सिविल कोर्ट पहुंचे और साफ कहा कि उनके मुवक्किल सरेंडर नहीं करेंगे, क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर तथ्यों पर आधारित नहीं है।

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वकील का दावा- पूरी एफआईआर गलत, अग्रिम जमानत की तैयारी

खान सर के वकील ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्होंने किसी को गोली चलाने का निर्देश नहीं दिया था। वकील के अनुसार, पुलिस ने गलत तरीके से मामला दर्ज किया है और अब कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की जाएगी। हालांकि समय की कमी के कारण शनिवार को याचिका दाखिल नहीं हो सकी, इसलिए अब सोमवार को इसे दाखिल किए जाने की संभावना है।

सरेंडर की अटकलों के बीच कोर्ट नहीं पहुंचे खान सर

सोशल मीडिया पर दिनभर यह चर्चा होती रही कि खान सर कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए कोर्ट परिसर और आसपास पुलिस बल की तैनाती भी बढ़ा दी गई थी। लेकिन खान सर स्वयं कोर्ट नहीं पहुंचे और केवल उनके वकील ने मीडिया के सामने उनका पक्ष रखा।

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इससे पहले शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक पुलिस की निगरानी उनके कोचिंग संस्थान के आसपास बनी रही। बड़ी संख्या में छात्रों के जुटने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो।

छात्रों को भेजा गया क्लास का संदेश

शनिवार सुबह कई छात्रों को कोचिंग की ओर से संदेश मिला कि खान सर सुबह 10 से 11 बजे के बीच क्लास लेंगे। हालांकि बाद में उन्होंने कोई क्लास नहीं ली। दूसरी ओर पुलिस ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह या उकसावे में न आएं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

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क्या हैं आरोप?

एफआईआर के अनुसार, हंगामे के दौरान दो सुरक्षा गार्डों ने फायरिंग की थी। पुलिस को दिए गए बयान में दोनों गार्डों ने कथित तौर पर दावा किया कि उन्होंने खान सर के निर्देश पर गोली चलाई थी। आरोप है कि कोचिंग के बाहर हंगामा और तोड़फोड़ की स्थिति देखकर खान सर ने फायरिंग करने को कहा था। हालांकि इस आरोप की पुष्टि अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

दोष सिद्ध होने पर कितनी हो सकती है सजा?

मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच और अदालत में यह साबित हो जाता है कि फायरिंग उनके निर्देश पर हुई थी, तो उन्हें भी सह-अभियुक्त माना जा सकता है। हालांकि किसी भी संभावित सजा या दोषसिद्धि का फैसला केवल अदालत में उपलब्ध सबूतों और सुनवाई के आधार पर ही होगा।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल

अब पूरे मामले में नजर इस बात पर है कि सोमवार को अग्रिम जमानत याचिका दायर होने से पहले पुलिस कोई कार्रवाई करती है या नहीं। जब तक अदालत से राहत नहीं मिलती, गिरफ्तारी की संभावना कानूनी रूप से बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर खान सर और उनके वकील लगातार आरोपों को खारिज कर रहे हैं और मामले को गलत तरीके से पेश किए जाने की बात कह रहे हैं।

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