चेहरे पर लगाने के बाद न करें ये गलती, वरना बेजान हो जाएगी स्किन

निखरी और दमकती त्वचा पाने के लिए मुल्तानी मिट्टी का उपयोग युगों-युगों से होता चला आ रहा है। पुरानी पीढ़ी के घरेलू नुस्खों से लेकर आज की आधुनिक सौंदर्य देखभाल तक, तैलीय त्वचा और मुंहासों जैसी समस्याओं के समाधान के लिए इसे एक अत्यंत प्रभावशाली और भरोसेमंद उपाय माना जाता है। परंतु क्या आप वाकई जानते हैं कि इसे लगाने का सही और उचित तरीका क्या है?
अधिकांश लोग चेहरे पर मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाकर तब तक प्रतीक्षा करते रहते हैं जब तक कि वह पूरी तरह सूखकर कड़ी परत न बन जाए या उसमें दरारें न पड़ने लगें। यदि आप भी यही करते हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकि ऐसा करने से त्वचा को लाभ पहुंचने के बजाय हानि होने की संभावना अधिक रहती है। आइए जानते हैं कि मुल्तानी मिट्टी लगाने का सही तरीका आखिर क्या है।
मुल्तानी मिट्टी को पूरी तरह क्यों नहीं सूखने देना चाहिए?
जब मुल्तानी मिट्टी चेहरे पर पूरी तरह सूख जाती है तो वह त्वचा के प्राकृतिक तेल के साथ-साथ त्वचा की भीतरी नमी को भी पूरी तरह सोख लेती है। इसके परिणामस्वरूप त्वचा अत्यधिक शुष्क और निर्जीव हो जाती है। विशेष रूप से रूखी और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए यह जलन, लालिमा और चकत्तों का कारण बन सकती है।
मुल्तानी मिट्टी लगाने की सही विधि
मुल्तानी मिट्टी का भरपूर लाभ उठाने के लिए इसे उचित तरीके से और निर्धारित समय तक ही लगाना आवश्यक है।
- लेप तैयार करें — अपनी त्वचा की प्रकृति के अनुसार मुल्तानी मिट्टी का गाढ़ा मिश्रण बनाएं। तैलीय त्वचा वाले इसमें गुलाब जल अथवा टमाटर का रस मिला सकते हैं। रूखी त्वचा वालों को इसमें कच्चा दूध, शहद या दही मिलाना चाहिए ताकि त्वचा की प्राकृतिक नमी सुरक्षित रह सके।
- चेहरा पहले साफ करें — लेप लगाने से पूर्व किसी सौम्य मुखप्रक्षालक से चेहरा अच्छी तरह धो लें जिससे धूल और गंदगी पूरी तरह हट जाए।
- लगाने की अवधि — चेहरे पर लेप की एकसमान परत लगाएं और इसे केवल दस से बारह मिनट तक ही रहने दें। जैसे ही लेप हल्का सूखने लगे उसी समय इसे धो डालें।
- धोने की सही विधि — चेहरे पर सीधे पानी डालकर रगड़ने की बजाय पहले कुछ बूंदें पानी की चेहरे पर लगाकर लेप को दोबारा नम करें। जब यह मुलायम पड़ जाए तब हल्के हाथों से गोलाकार गति में मालिश करते हुए स्वच्छ जल से धो लें।
- आर्द्रता बनाए रखना आवश्यक है — मुल्तानी मिट्टी धोने के तत्काल बाद चेहरे पर संकोचक लोशन और कोई अच्छा नमीकारक अवश्य लगाएं ताकि त्वचा की नमी भीतर बंद रह सके और त्वचा कोमल बनी रहे।









