डिजिटल डकैती: रिटायर्ड बैंककर्मी से 17.37 लाख रु. की सनसनीखेज ठगी

अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। शहर के संयोगितागंज थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी को अपनी जालसाजी का शिकार बनाते हुए लाखों की चपत लगा दी। शेयर बाजार और आईपीओ में मोटा मुनाफा कमाने का सब्जबाग दिखाकर शातिर ठगों ने 71 वर्षीय बुजुर्ग की जमापूंजी से 17.37 लाख रुपए पार कर दिए। पुलिस ने अज्ञात जालसाजों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
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पारसी मोहल्ला निवासी पूनमचंद महाजन (71) ने पुलिस को बताया कि उन्होंने गूगल पर ‘5 पैसा कैपिटल’ का एक लुभावना विज्ञापन देखा था। ऐप डाउनलोड करते ही उनके पास शालिनी ठाकुर और गौरव नामक कथित एक्सपर्ट्स के फोन आने लगे। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए उनसे 10-10 हजार रुपए का छोटा निवेश कराया गया और फर्जी पोर्टल पर ‘वर्चुअल प्रॉफिटÓ दिखाकर उन्हें बड़े निवेश के लिए उकसाया गया। ठगों के झांसे में आकर पूनमचंद ने अलग-अलग किश्तों में करीब 12 लाख रुपए आईपीओ में लगा दिए। जब उन्हें अपने बेटे के इलाज के लिए रुपयों की सख्त जरूरत पड़ी और उन्होंने निकासी की बात की, तो ठगों ने नया पैंतरा चला। आरोपियों ने पैसे रिफंड करने के नाम पर पहले 10 प्रतिशत और फिर 30 प्रतिशत ‘मार्जिन मनी’ की डिमांड की, जिसके चलते बुजुर्ग ने 4.60 लाख रुपए और गंवा दिए।
संपर्क तोड़कर हुए रफूचक्कर जांच के बाद एफआईआर दर्ज
कुल 17.37 लाख रुपए हड़पने के बाद आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए और मैसेज का जवाब देना भी बंद कर दिया। ठगी का अहसास होने पर पीडि़त ने पहले क्राइम ब्रांच में गुहार लगाई थी। लंबी जांच के बाद अब संयोगितागंज पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पुलिस उन बैंक खातों को ट्रेस कर रही है जिनमें ठगी की यह बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी। इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन निवेश के नाम पर चल रहे फर्जी विज्ञापनों के खतरे को उजागर कर दिया है।
कार हड़पकर जालसाज फरार
इंदौर। एमआईजी थाना क्षेत्र में कार की अफरा-तफरी करने का मामला सामने आया है। एक युवक ने विश्वास में लेकर दोस्त की कार ली और फिर उसे वापस लौटाने के बजाय हड़प लिया। पुलिस ने पीडि़त की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। श्याम नगर निवासी मोहित सूर्यवंशी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि खजराना के फैजान शाह ने उनसे कुछ समय के लिए कार मांगी थी।
जान-पहचान होने के कारण मोहित ने उसे गाड़ी सौंप दी, लेकिन बाद में फैजान के मन में लालच आ गया और उसने कार खुर्द-बुर्द कर दी। पीडि़त मोहित ने जब अपनी कार वापस मांगी, तो आरोपी फैजान उसे धमकाने लगा। काफी कोशिशों के बाद भी जब कार नहीं मिली, तो पीडि़त ने एमआईजी थाने में शिकायत की। पुलिस अब आरोपी की तलाश और कार की बरामदगी के प्रयास कर रही है।









