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डीजीपी का रिश्तेदार बनकर वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 25 लाख की धोखाधड़ी

उज्जैन। डीजीपी का रिश्तेदार बताकर वन विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। महिदपुर पुलिस के अनुसार कुछ समय पहले ग्राम तालोद (चिंतामण क्षेत्र) के निवासी फतेहसिंह पिता भैरुसिंह ने शिकायत की थी कि वर्ष 2022 में फतेहसिंह की पहचान ग्राम झरखेड़ी के रहने वाले बालू पिता भैरुसिंह चौहान से हुई थी। बालू ने खुद को पुलिस विभाग के डीजीपी का करीबी रिश्तेदार बताते हुए दावा किया कि उसकी ऊंची पहुंच है और वह वन विभाग में खाली पड़े कई पदों पर सीधी नौकरी लगवा सकता है।

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फतेहसिंह ने नौकरी की बात अपने गांव में बताई, तो अन्य युवक भी नौकरी पाने के लिए तैयार हो गए। इनमें जितेंद्र चंद्रवंशी, विकास सूर्यवंशी, मुकेश चंद्रवंशी और बलराम चंद्रवंशी सहित अन्य युवा शामिल थे। आरोपी बालूसिंह ने इन सभी युवकों को झारड़ा कटन चौराहा स्थित एक चाय की दुकान पर अलग-अलग समय पर बुलाया। वहां उसने सभी से नौकरी पक्की करने के नाम पर किसी से ढाई लाख, किसी से डेढ़ लाख तो किसी से एक लाख रुपये ऐंठे।

इस तरह आरोपी ने गांव के सीधे-साधे युवकों से कुल मिलाकर लगभग 25 लाख रुपये समेट लिए और कई दिनों तक टालमटौल करता रहा। सभी युवकों से रुपए और दस्तावेज ऐंठने के बाद आरोपी बालूसिंह उन्हें परीक्षा दिलाने के बहाने भोपाल लेकर गया था। वहां उसने सभी युवकों को एक होटल में ठहराया। लेकिन परीक्षा दिलाने के बजाय, वह दूसरे ही दिन यह कहकर सबको वापस उज्जैन ले आया कि परीक्षा की औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। महिदपुर पुलिस ने आरोपी बालूसिंह के खिलाफ फरियादी जितेंद्र चौहान निवासी पिपलौदा रतलाम की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया है।

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