तुम सब मरोगे… से कृषि अध्ययनशाला में डर, परीक्षा देने आए विद्यार्थी बोले- यहां ऐसा भी होता है

चौकीदार और उसकेे परिवार को पता नहीं कौन कर गया तंत्र क्रिया, एचओडी बोले- अज्ञात शरारती तत्वों का काम

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की कृषि अध्ययनशाला की नई बिल्डिंग में ढाई साल से अधिक इंतजार के बाद 10-12 दिन पहले से क्लासेस लगना शुरू हुई हैं लेकिन रविवार-सोमवार की दरमियानी रात बिल्डिंग के मुख्य चैनल गेट पर किसी ने तंत्र क्रिया को अंजाम दिया। यहां गेट के सामने सिंदूर से सितारे जैसी दिखने वाली आकृति बनाकर उस पर मिट्टी का घड़ा और नारियल, लाल कपड़ा रख दिया और दीवार पर सिंदूर से बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा ‘तुम सब मरोगे…’।
सोमवार सुबह सबसे पहले चौकीदार के परिवार ने इसे देखा और अध्ययनशाला को सूचना दी। इसके बाद शिक्षक एवं कर्मचारियों वहां पहुंचे तो अपने सामने यह नजारा देखकर वह भी डर गए। बाद में दीवार पर पेंट करवाया गया और मटकी हटाकर वह निशान मिटाए गए। हालांकि, चैनल गेट के सामने अभी भी कुछ निशान बाकी हैं और मटकी के अवशेष सहित अन्य सामग्री कुछ दूर पड़ी है। अधिकांश विद्यार्थियों को इसकी जानकारी नहीं थी।
मंगलवार को एग्जाम देने आए स्टूडेंट्स ने इस संबंध में बात की तो उन्होंने ऐसी किसी जानकारी होने से इंकार कर दिया लेकिन तंत्र क्रिया की बात सुनकर उनके चेहरे पर डर झलक रहा था। उन्होंने नाम एवं फोटो नहीं छापने की शर्त पर कहा यहां ऐसा भी होता है। हमें पता नहीं था। आपको बता दें कृषि अध्ययनशाला में 1100 से ज्यादा विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। यह मप्र के किसी भी विवि में सबसे ज्यादा हैं। करीब ढाई साल से अधिक समय के इंतजार के बाद कृषि अध्ययनशाला को अपनी खुद की बिल्डिंग मिली है जिसमें कक्षाएं लग रही हैं। इससे पहले भौतिकी अध्ययनशाला में कक्षाएं लगती थीं। हालांकि, इस घटना के बाद विद्यार्थियों में डर का माहौल है।
नहीं लगता ताला, कैमरे भी नहीं : नई बिल्डिंग में मुख्य चैनल गेट पर रात में ताला नहीं लगाया जाता। पूछने पर चौकीदार आशीष कछावा जवाब नहीं दे सके। ऐसे में तंत्र क्रिया अंदर भी की जा सकती थी। सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं। ना गार्ड की व्यवस्था है, ना ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ऐसे में कौन तंत्र क्रिया कर गया, इसकी जानकारी किसी को नहीं। हालांकि, अध्ययनशाला के एचओडी का कहना है यह शरारती तत्वों का काम है।
चौकीदार ने बताया- क्या देखा
मैं अपने परिवार के साथ जब से बिल्डिंग का काम शुरू हुआ तब से यहां चौकीदारी कर रहा हूं। रविवार रात को हम सभी सो गए थे। सोमवार सुबह करीब 6 बजे मेरी मां जागी और बाहर आई तो उन्होंने तंत्र क्रिया देखी और हमें इसकी जानकारी दी। हम भी डर गए, इसके बाद अध्ययनशाला के शिक्षकों को सूचना दी। फिलहाल वहां से सब कुछ हटाकर पुताई करवा दी है। ढाई साल से अधिक समय से यहां रह रहा हूं, पहले कभी ऐसा नहीं हुआ।
(चौकीदार आशीष कछावा ने जैसा अक्षरविश्व को बताया)
विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश टेलर से सीधी बात
सवाल- किसने यह काम किया और किस उद्देश्य से?
जवाब- अज्ञात शरारती तत्वों ने यह काम किया है। व्हाइट वॉश करवाकर वहां से मटकी सहित अन्य सामग्री हटा दी है।
सवाल- 17 करोड़ से बनी बिल्डिंग में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं हैं, जबकि यहां 1100 स्टूडेंट्स अध्ययनरत हैं?
जवाब- हां, सीसीटीवी कैमरे फिलहाल नहीं लगे हैं। प्रस्ताव दिया है, जल्द ही कैमरे भी लग जाएंगे।
सवाल- अध्ययनशाला परिसर में क्या कोई भी बाहरी व्यक्ति प्रवेश कर सकता है?
जवाब- बिल्डिंग में चैनलगेट है लेकिन परिसर खुला है, बड़ा परिसर है, कहीं से कोई आए क्या कह सकते हैं।
सवाल- सिक्योरिटी गार्ड की व्यवस्था क्यों नहीं?
जवाब- डिपार्टमेंटल लेवल पर गार्ड की व्यवस्था नहीं हो सकती, प्रशासनिक लेवल पर हो सकती है, इस संबंध में चर्चा करेंगे।
सवाल- क्या पुलिस को शिकायत की है?
जवाब- नहीं शिकायत नहीं की है, यह सब किसी शरारती बच्चे का काम है। विवि प्रशासन को सूचना दी है।
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