नर्सिंग में कॅरियर ANM, GNM व B.Sc कर बनाएं

10वीं व 12 वीं विज्ञान के विद्यार्थी इन कोर्स को करें

नर्स (परिचर्या) बनने के इच्छुक लोग विभिन्न स्तरों से इसकी शुरुआत कर सकते हैं। आप सहायक नर्स मिडवाइफ/हेल्थ वर्कर (एएनएम) कोर्स से शुरू कर सकते हैं. इस डिप्लोमा कोर्स की अवधि डेढ़ वर्ष है और न्यूनतम योग्यता दसवीं पास है। इसके अलावा आप जनरल नर्स मिडवाइफरी (जीएनएम) कोर्स भी कर सकते हैं जो कि साढ़े तीन साल का होता है. इसके लिए न्यूनतम योग्यता 40 प्रतिशत अंकों के साथ भौतिक, रासायनिक एवं जीव विज्ञान में बारहवीं उत्तीर्ण होना है।
एएनएम व जीएनएम के अलावा देश भर में फैले हुए विभिन्न नर्सिंग स्कूलों-कॉलेजों से नर्सिंग में स्नातक भी किया जा सकता है. इसके लिए न्यूनतम योग्यता 45 प्रतिशत अंकों के साथ अंग्रेजी, भौतिक, रासायनिक एवं जीव विज्ञान में बारहवीं उत्तीर्ण रखी गई है। इसके लिए आपकी आयु कम से कम 17 वर्ष होनी चाहिए।
बीएससी नर्सिंग (बेसिक के पश्चात) पाठ्यक्रम के लिए आप दो वर्ष के रेगुलर कोर्स या त्रिवर्षीय दूरस्थ शिक्षा वाले पाठ्यक्रम में से किसी एक को चुन सकते है। रेगुलर कोर्स के लिए जहां न्यूनतम योग्यता 10+2+जीएनएम है। वहीं दूरस्थ शिक्षा से यह कोर्स करने के लिए न्यूनतम योग्यता 10+2+जीएनएम+ दो वर्ष का अनुभव है। भारतीय रक्षा सेवाओं द्वारा संचालित बीएससी (नर्सिंग) कोर्स के लिए 17 से 24 वर्ष की महिलाओं का चयन किया जाता है. यहां भी न्यूनतम योग्यता भौतिक, रसायन, जीव विज्ञान तथा अंग्रेजी विषयों में 45 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं है. प्रार्थी को एक लिखित परीक्षा भी पास करनी होती है। उसे शारीरिक रूप से भी फिट रहना चाहिए।
चयनित लोगों को रक्षा सेवाओं के लिए पांच वर्ष का अनुबंध करना होता है.किसी भी आयुर्विज्ञान संस्थान में नौकरी प्राप्त करने के लिए जीएनएम अथवा बीएससी ही पर्याप्त होता है। प्रत्येक राज्य में नर्सों को रजिस्टर करने वाली अलग-अलग संगठन होते हैं। नर्सिंग के बेसिक कोर्स के अलावा आप पोस्ट-बेसिक स्पेशियलिटी (एक-वर्षीय डिप्लोमा) कोर्स करके निम्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता भी हासिल कर सकते है। कार्डिएक थोरेकिक नर्सिंग, क्रिटिकल-केयर नर्सिंग, इमरजेंसी एवं डिजास्टर नर्सिंग,नवजात की परिचर्या (नियो-नेटल नर्सिंग), मस्तिष्क-संबंधी रोगों में परिचर्या (न्यूरो नर्सिंग), नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशासन,कर्क-रोग संबंधी नर्सिंग (ऑन्कोलोजी नर्सिंग),ऑपरेशन-रूम नर्सिंग,विकलांग चिकित्सा नर्सिंग,मिड वाइफरी प्रैक्टिशनर, मनोरोग परिचर्या (साइकैट्रिक नर्सिंग)।
नौकरी के अपार अवसर
सरकारी अथवा निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, अनाथाश्रम, वृद्धाश्रम, आरोग्य निवास, विभिन्न अन्य उद्योगों एवं रक्षा सेवाओं में ट्रेंड नर्सों के लिए नौकरी के अपार अवसर हैं. इनके लिए इन्डियन रेड-क्रॉस सोसाइटी, इंडियन नर्सिंग काउंसिल, स्टेट नर्सिंग काउन्सिल्स और अन्य नर्सिंग संस्थानों में भी कई अवसर हैं। यहां तक कि एएनएम कोर्स के बाद ही इन्हें सारे देश में फैले हुए प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवक के रूप में नौकरी मिल जाती है।
आज पूरी दुनिया में हेल्थ केयर वर्कर्स सरकार और प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। डॉक्टर्स के बाद नर्स का एक ऐसा पद है जो सेवा के जरिये लोगों को संतुष्टि भी दे रहा है।









