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नागदा-गोधरा रेल ट्रैक हादसों से सुरक्षित

कवच प्रणाली लागू : डीआरएम अश्वनी कुमार ने हरी झंडी दिखाकर लोकोमोटिव किया रवाना

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पश्चिम रेलवे के रतलाम डिवीजन का नागदा-गोधरा रेल ट्रैक अब हादसों से सुरक्षित हो गया है। इस टै्रक पर कवच सिस्टम लगा दिया गया है। मुंबई-दिल्ली रेलमार्ग के इस सबसे महत्वपूर्ण हिस्से के कवचयुक्त होने से यात्री सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। डीआरएम अश्वनीकुमार ने ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच’ से लैस ट्रैक पर लोकोमेटिव को झंडी दिखाकर रवाना किया।

सोमवार को लोकोमोटिव के प्रस्थान के साथ ही नागदा-गोधरा रेलखंड रतलाम डिवीजन में ‘कवच’ प्रणाली लागू करने वाला पहला रेलखंड बन गया है। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विकसित ‘कवच’ एक अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली है। इसे ट्रेन दुर्घटनाओं को रोकने और संचालन क्षमता बढ़ाने के मकसद से तैयार किया गया है। यह प्रणाली सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 जैसे उच्चतम सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है।

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224 किलोमीटर रूट में लगी कवच
नया कवच-सुसज्जित रेल खंड 224 रूट किलोमीटर लंबा है। इसमें 154 किलोमीटर का हिस्सा रतलाम और 70 किलोमीटर का वडोदरा मंडल में आता है। रतलाम मंडल में यह गोधरा-मंगल महुड़ी तथा पंच पिपलिया-नागदा खंडों में किया गया है, जबकि वडोदरा मंडल में यह वडोदरा-गोधरा खंड को कवर करता है।

यूं स्थापित हुई प्रणाली
रतलाम-वडोदरा मंडल में ‘कवच’ प्रणाली स्थापित करने के लिए 40 मीटर ऊंचाई के 41 लैटिस टॉवर, 39 स्टेशन कवच यूनिट्स, 606 किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल, 6000 आरएफआईडी टैग्स और 90 लोकोमोटिव में कवच यूनिट्स स्थापित की गई है। रतलाम मंडल में 28 टॉवर, 27 स्टेशन यूनिट्स, 310 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर और 4000 आरएफआईडी टैग्स स्थापित किए गए हैं।

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क्या है कवच प्रणाली
कवच प्रणाली हाई सुरक्षा से लैस है। यह ओवर स्पीड को रोकती है। स्वचालित ब्रेकिंग, लोको केबिन में रियल-टाइम सिग्नल जानकारी, आमने-सामने एवं पीछे से होने वाली टक्करों की रोकथाम, गति प्रतिबंधों का पालन, लेवल क्रॉसिंग पर चेतावनी प्रणाली तथा आपात स्थिति में एसओएस संदेश प्रेषण देखती है। डीआरएम ने कहा कि ‘कवच’ भारतीय रेल के ‘शून्य दुर्घटना’ लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो मानवीय त्रुटियों को कम कर रियल-टाइम सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यह सफल परीक्षण
और स्वतंत्र प्रमाणन प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रमाणित करते हैं।

पश्चिम रेलवे में 659 किलोमीटर तक पहुंचा कवच- पश्चिम रेलवे में अब ‘कवच’ का विस्तार 659 किलोमीटर तक पहुंच गया है। गोधरा-नागदा खंड के शेष 78 किलोमीटर पर कवच प्रणाली लागू करने का कार्य जारी है, जिसे आगामी तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है। यह काम पूरा होने के बाद दिल्ली- मुंबई रेल मार्ग का गोधरा-नागदा रेल खंड पूरी तरह स्वचालित सिग्नलिंग और कवच प्रणाली से लैस हो जाएगा।

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