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प्रदेश के 52 जिलों के सरकारी स्कूलों की उत्कृष्ट रैकिंग में उज्जैन 35वीं पायदान पर

डिंडौरी-अनूपपुर जैसे छोटे जिले की तुलना में खराब स्थिति….

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प्रदेश के 52 जिलों के सरकारी स्कूलों की उत्कृष्ट रैकिंग में उज्जैन 35 वीं पायदान पर

उज्जैन।उच्च शिक्षा अनुदान आयोग (यूजीसी) की ग्रैड़ में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में पिछडऩे के बाद अब स्कूली शिक्षा के मामले में उज्जैन का प्रदर्शन खराब रहा है। सरकारी स्कूलों की उत्कृष्ट रैकिंग में उज्जैन प्रदेश में 35 वीं पायदान पर रहा है।

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उज्जैन की स्थिति डिंडौरी-अनूपपुर जैसे छोटे जिले की तुलना में खराब रही है। हालांकि जिलों से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों के आधार पर आवश्यक संशोधनों के बाद अंतिम रुप से जिलों की रैंकिंग निर्धारित कर सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी।

मुख्यमंत्री के शासकीय शालाओं की रैंकिंग प्रणाली विकसित करने और सीएम डैशबोर्ड में प्रदर्शित करने के निर्देश पर अमल करते हुए राज्य शिक्षा केंद्र ने प्राविधिक रैंकिंग जारी की हैं। इस उत्कृष्ट रैकिंग में उज्जैन 35 वीं पायदान पर रहा है। जिलों की रैंकिंग में शाला, विद्यार्थी, शिक्षक और प्रबंधन कार्य प्रमुख केंद्र रहे है।

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स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार विषयान्तर्गत प्रदेश में गुणवत्तापरक शिक्षा उपलब्ध कराने की दृष्टि से यह नया प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए सभी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता, प्रशिक्षण आवश्यक अधोसंरचना, विभिन्न शासकीय योजनाओं की हितग्राहियों तक समय पर पहुंच आदि कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं।

52 जिलों की रैंकिंग बनाई गई

जिला स्तरीय ग्रेडिंग निर्धारित करने में प्रमुख रूप से वार्षिक परीक्षा परिणाम, सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण, व्यावसायिक शिक्षा हेतु नामांकन, निष्ठा प्रशिक्षण इंस्पायर अवॉर्ड, विद्यालयों में टैबलेट की उपलब्धता, ब्रिजकोर्स, नामांकन एवं ठहरा इत्यादि मानकों में जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। इसके बाद 52 जिलों की रैकिंग बनाई गई।

अगली रैंकिंग में आईसीटी योजना भी जोड़ा जाएगा

आगामी तिमाही में स्कूल स्तर पर आईसीटी योजना का क्रियान्वयन छमाही परीक्षा परिणाम छात्रवृत्ति वितरण, परिवेदना निवारण उपचारात्मक कक्षाओं का आयोजन शैक्षणिक मॉनिटरिंग, वित्तीय व्याय आदि बिन्दुओं को शामिल करते हुए पुन: समीक्षा करके ग्रेडिंग निर्धारित की जाएगी।

इनमें माह की प्राथमिकता के अनुसार समसामयिक रूप से परिवर्तन किए जाते रहेंगे। इस तरह समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत संचालित कार्यक्रम औरगतिविधियों के साथ ही छात्रों के सीखने के प्रतिफल, शिक्षकों की क्षमता संवर्धन, शालाओं में उपलब्ध संसाधन और विभिन्न मूल्यांकनों में शालाओं के प्रदर्शन आदि को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन आधारित रैंकिंग तैयार की गई है।

डीईओ अवकाश पर प्रभारी से संपर्क नहीं

स्कूली शिक्षा विभाग की रैंकिंग में पिछडऩे के संबंध में प्रतिक्रिया के लिए डीईओ आनंद शर्मा से संपर्क किया वे अवकाश पर है, प्रभारी डीईओ से चर्चा नहीं हो सकी।

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