Advertisement

बुजुर्ग माता-पिता की सेवा ही सच्चा श्राद्ध: पंडित व्यास

उज्जैन। आज परिवारों में संस्कार का अभाव होने से संतान वैदिक सिद्धांत सही ज्ञान से वंचित है। जीवित पितर माता-पिता और आचार्य द्वारा दिये गये संस्कार हमें सही दिशा प्रदान करते हैं। ये विचार वैदिक विद्वान पं. राजेन्द्र व्यास ने व्यक्त किये। आचार्य धर्मदेव ने कहा कि यदि हम पुनर्जन्म में विश्वास रखते हैं तो श्राद्ध का कोई अर्थ नहीं है। पिता अपनी संतानों में संस्कार अवश्य दें।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

डॉ. सक्सेना ने कहा कि आज श्रद्धा का स्थान श्राद्ध ने ले लिया है। वैदिक साहित्य में केवल जीवित पितरों का उल्लेख है। आर्य समाज मंदिर में साप्ताहिक सत्संग में पितृ पक्ष विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्र समृद्धि यज्ञ में विशेष आहुतियां दी गई। सत्यार्थ प्रकाश की व्याख्या डॉ. ललित नागर ने की। संचालन डॉ. मालाकार ने किया।

Advertisement

Related Articles