राहत: बैंकों को कर्ज की सभी शर्तें साफ बतानी होंगी: आरबीआई

नई दिल्ली। आरबीआई ने कर्ज लेने वालों के लिए राहत देने वाले नए नियम जारी किए हैं। अब बैंकों और वित्तीय संस्थानों को कर्ज देते समय ग्राहकों को उससे जुड़ी सभी शर्तों की स्पष्ट जानकारी देनी होगी। उन्हें पहले ही बता देना होगा कि कर्ज कितने समय के लिए है, कितनी किस्तें बनेंगी और हर महीने किस तारीख को भुगतान करना होगा। नए नियम एक अप्रैल 2027 से प्रभावी होंगे।

नए नियमों के अनुसार, बैंक को कर्ज से जुड़ी सभी बातें लिखित में देनी होंगी। इसमें यह भी साफ बताया जाएगा कि ग्राहक द्वारा दी जाने वाली किस्त में कितना हिस्सा मूलधन का है और कितना ब्याज का। इससे ग्राहकों को यह समझने में आसानी होगी कि वे कुल कितना ब्याज चुका रहे हैं। इसके अलावा, बैंक को कर्ज पर लगने वाले सभी अतिरिक्त शुल्कों की पूरी सूची भी देनी होगी।
किस्त चूकने पर सख्ती बढ़ेगी
यह भी प्रावधान है कि कर्ज की किस्त चूकने पर ग्राहक का लोन खाता एनपीएन श्रेणी में शामिल हो सकता है, जिसका सीधा असर स्कोर पर पड़ेगा। अगर किसी भी कर्ज का मूलधन या ब्याज 90 दिन तक बकाया रहता है, तो उसे एनपीए माना जाएगा। यह नियम क्रेडिट कार्ड बकाये पर भी लागू होगा।









