स्वरतरंग में गूंजे मराठी गीत, लावणी पर झूमे श्रोता

आजादी का अमृत महोत्सव एवं गणेशोत्सव अंतर्गत छत्रपति, मराठी रसिक एवं सकारात्मक मराठी समूह के संयुक्त तत्वावधान में विक्रम कीर्ति मंदिर में सदाबहार मराठी एवं हिंदी गीतों का कार्यक्रम स्वरतरंग का आयोजन हुआ। जयंत तेलंग एवं भूषण नाईक ने बताया कि कार्यक्रम उज्जैन के दिवंगत मराठी क्रांतिकारी एवं समाजसेवियो की स्मृति में समर्पित था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
नागपुर से आई गायिका डॉ. आरती देशपांडे ने अपने ऑर्केस्ट्रा स्वानंदी संच के साथ सुरों की महफि़ल सजा कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गोवा से आई हेत्वी सेठिया (सुर नवा ध्यास नवा फेम) ने आज जाने की जिद ना करो… गजल गाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया। किशोरी मुरके ने लावणी गा कर श्रोताओं को झुमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बालयोगी उमेशनाथजी थे। संचालन सुदर्शन आयाचित ने किया एवं आभार भूषण नाईक ने माना।









