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उज्जैन:बरसते पानी, कीचड़ में दर्शन के लिए इंतजार

फिर भी करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंचे

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उज्जैन।प्रशासन की अपील और चेतावनी के बाद भी रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के महाकाल मंदिर पहुंचे। मंदिर में अव्यवस्था नहीं हो इसके लिए प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया, पर यह श्रद्धालुओं के लिए दिक्कतों का कारण बन गया। कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन भी हुआ। प्री बुकिंग के अलावा विशेष दर्शन टिकट के माध्यम से प्रवेश के इच्छुक श्रद्धालु भी महाकाल मंदिर पहुंचे।

करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के महाकाल मंदिर आने का अनुमान है। प्रशासन ने रविवार और सोमवार को आने वाले श्रद्धालुओं को चारधाम के पास से बेरिकेटिंग के बाद शंख द्वार से प्रवेश देने का निर्णय लिया था। नतीजतन श्रद्धालुओं को प्रवेश के लिए न केवल लंबा इंतजार करना पड़ा, बल्कि अन्य परेशानी भी हुई। कतार चारधाम में मंदिर के सामने से होते हुए त्रिवेणी संग्रहालय तक पहुंच गई। कतार में लगने वाले श्रद्धालुओं को वर्षा से बचाने के कोई इंतजाम नहीं थे। ऐसे में श्रद्धालुओं को बरसात में भीगते हुए कंकड़-पत्थर और कीचड़ के बीच से होकर निकलना पड़ा। भीड़ में कोरोना नियमों की अनदेखी भी होती रहीं।

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भीड़ ने किया था चिंतित
बीते रविवार-सोमवार को महाकाल मंदिर में भीड़ और कोरोना गाइड लाइन के टूट रहे नियमों ने उज्जैन जिला प्रशासन चिंतित कर दिया था। इसके बाद प्रवेश व्यवस्था में बदलाव किया, लेकिन श्रद्धालुओं का इससे अधिक लाभ नहीं हुआ, इतना जरूर रहा कि पिछली बार की तरह धक्का-मुक्की नहीं हुई।

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