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कलेक्टर सुबह निरीक्षण करने पहुंचे, शाम तक पानी रोकने की रिपोर्ट मांगी

कान्ह पर बन रहा मिट्टी का स्टापडेम बहा

 

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:मुख्यमंत्री द्वारा तीन जिलों के कलेक्टर की बैठक लेकर शिप्रा नदी में स्वच्छ जल स्टोर करने और दूषित पानी को मिलने से रोकने के निर्देश दिये थे। वहीं दूसरी ओर मकर संक्रांति पर्व स्नान को लेकर शिप्रा नदी में स्वच्छ जल स्टोर करने की कवायद जल संसाधन विभाग और पीएचई के अफसरों द्वारा शुरू की गई लेकिन उस पर देर रात पानी फिर गया। त्रिवेणी स्थित कान्ह नदी पर बनाया जा रहा मिट्टी का स्टापडेम पानी की प्रेशर से बह गया है।

नर्मदा का पानी भी हो गया खराब

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विधानसभा चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद ऑडियो-वीडियो वायरल होने से भाजपा में मचे घमासान के बीच एक और ऑडियो वायरल हो गया है। इसके लिए भी दावा किया जा रहा है कि वायरल ऑडियो में बडऩगर के पूर्व विधायक शांतिलाल धबाई की केवल आवाज ही नहीं,उनका नाम भी सामने आया है,जिसमें वे बडऩगर के निर्दलीय प्रत्याशी राजेंद्र सिंह सोलंकी का काम करने की बात कर रहे हंै।

पर्व स्नान को अब 6 दिन शेष

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मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को मनाया जायेगा। 9 जनवरी तक शिप्रा नदी में कान्ह का दूषित पानी स्टोर है। त्रिवेणी पर कान्ह के दूषित पानी को रोकने के लिये जल संसाधन विभाग को मिट्टी का स्टापडेम बनाने में 4 दिन का समय लगा था वहीं पीएचई विभाग भी 3 दिनों से शिप्रा नदी में नर्मदा का पानी पाइप लाइन से छोड़कर रामघाट पर स्वच्छ पानी भरने की कवायद में लगा। ऐसे में अब कान्ह का दूषित पानी रोकने और शिप्रा नदी में नर्मदा का स्वच्छ पानी स्टोर करने की चुनौती दोनों विभागों के अफसरों के सामने खड़ी हो गई है।

कान्ह डायवर्शन का उपयोग नहीं

राघोपिपल्या स्थित कान्ह डायवर्शन लाइन का फिलहाल पूरी क्षमता से उपयोग नहीं हो रहा है। उक्त लाइन को यदि पूरी क्षमता से शुरू किया जाता है तो निश्चित तोर पर कान्ह का दूषित पानी डायवर्ट हो सकता है। इस संबंध में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री कमल कुवाल से उनके मोबाइल पर चर्चा का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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