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दाल बाटी का भोग लगाया जाता है मनसा माता को

उज्जैन। अंबोदिया रोड पर ग्राम विनायगा के विक्रम पर्वत पर माता मनसा की मूर्ति विराजित है। कहा जाता है कि सम्राट विक्रमादित्य द्वारा माताजी की मूर्ति स्थापित की गई थी। मंशा माता को श्रद्धालुओं द्वारा दाल बाटी का भोग लगाया जाता है। मंदिर में पूजा आरती ईश्वरदास महाराज द्वारा की जाती है।

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मान्यता है देवी की 108 बार परिक्रमा करने से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। इसी मान्यता के चलते हजारों भक्तगण नवरात्रि में माता की परिक्रमा करने विनायगा पहुंचते हैं। मंशा माता की पूजा अर्चना वर्षों से आंजना पटेल परिवार द्वारा की जा रही है।

पटेल परिवार के संजय आंजना ने बताया कि माता मंदिर के पश्चिम क्षेत्र में करीब आधा किलोमीटर दूर पान बड़ोदिया के बीच खेतों में भैरव मंदिर भी स्थापित है और वह माता के रक्षक के रूप में पूजे जाते हैं। नवमी के दिन पूरे गांव के सहयोग से भंडारा आयोजित किया जाता है।

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