दो ट्रेन-दो वारदात… दोनों में चुराया चार्जिंग पर लगा मोबाइल

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। ट्रेनों में चोरी की वारदात लगातार बढ़ती जा रही है। हर दिन यात्रियों के साथ बदमाश अलग-अलग ट्रेनों में वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। लगातार हो रही वारदातों से यात्री डरे-सहमे हैं। ताजा मामले में प्रयागराज-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस और मालवा एक्सप्रेस में बदमाशों ने चार्जिंग पर लगे मोबाइल चुरा लिए और रफूचक्कर हो गए। हालांकि, दोनों की ही वारदातें उज्जैन में नहीं हुई लेकिन मामले में फरियादियों ने उज्जैन जीआरपी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है।

मामला एक
फरियादी जितेंद्र कुमार पिता जय विजय (44) निवासी आजादनगर, जिला कुशीनगर, यूपी ट्रेन नंबर 14116 प्रयागराज-डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस से खजुराहो से महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आ रहे थे। वह कोच एस-5 में बर्थ नंबर 52 पर सवार थे। उन्होंने रात में अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगाया और सो गए। रात 1.30 बजे बीना स्टेशन के आसपास उनका मोबाइल अज्ञात बदमाश चुरा ले गया। जब उनकी नींद खुली तो मोबाइल नदारद था। उन्होंने आसपास यात्रियों से पूछा लेकिन कुछ पता नहीं चला। चोरी गए मोबाइल की कीमत 8 हजार बताई गई है। गुरुवार सुबह करीब 11.30 बजे उज्जैन पहुंचने पर यात्री जितेंद्र कुमार सबसे पहले जीआरपी थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज करवाई। जीआरपी ने जीरो पर कायमी कर बीना जीआरपी को भेजी है।
मामला दो
इसी तरह मालवा एक्सप्रेस में भी चोरी की वारदात हुई। उज्जैन के सेठीनगर के रहने वाले राजेश परमार पिता स्व. भगवानलाल परमार कटरा से उज्जैन आ रहे थे। वह मालवा एक्सप्रेस के कोच नंबर ए-2 में बर्थ नंबर 51 पर सफर कर रहे थे। गुरुवार सुबह उन्होंने अपना मोबाइल चार्जिंग पर लगाया। भोपाल स्टेशन से ट्रेन निकलने के पांच मिनट बाद ही अज्ञात बदमाश मोबाइल चुरा ले गया जिसकी कीमत ३६ हजार रुपए है। जब उन्हें मोबाइल नहीं मिला तो वह सन्न रह गए और उन्होंने कोच में मौजूद अन्य यात्रियों से पूछताछ की लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। करीब १२ बजे उज्जैन पहुंचने पर उन्होंने जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। मामले में जीआरपी ने जीरो पर कायमी कर केस डायरी भोपाल जीआरपी को भेजी है।
इस वजह से चोरों की बल्ले-बल्ले : दरअसल, स्लीपर कोच के साथ अब बदमाश एसी कोच में पहुंचकर भी वारदातों का अंजाम दे रहे हैं। इससे आरपीएफ की सुरक्षा पर तो सवाल खड़े होते हैं, वहीं यात्रा के दौरान कोच में पहुंचते ही यात्री भी बेफिक्र हो जाते हैं। इस बीच कई यात्री मोबाइल को चार्जिंग पर लगाकर सो जाते हैं तो कई पर्स सहित अन्य सामान ऐसे ही रख देते हैं, ऐसे में कोच में पहले ही मौजूद बदमाश इसी मौके का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम दे देते हैं तो कई मौकों पर अपने क्षेत्र के स्टेशन पर ट्रेन के धीमे होने पर कूदकर फरार हो जाते हैं।
इनका कहना : अप्रैल, मई और जून, इन तीन महीनों में अपराध में इजाफा होता है और हम चोरों को पकड़ते भी हैं। बुधवार को ही एक चोर को पकड़कर जीआरपी को सौंपा है। वर्तमान में ट्रेनों में प्रतिदिन 60 हजार यात्रियों का फुटफॉल चल रहा है। ट्रेनों में सुरक्षा बल तो पर्याप्त लेकिन पैसेंजरों को भी कुछ सावधानी रखते हुए सतर्क रहना चाहिए। कई यात्री ऐसे ही सामान को रखकर प्लेटफॉर्म पर सो जाते हैं जो बाद में चोरी हो जाता है। यदि सावधानी रखें तो चोरियों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। – नरेंद्र यादव, टीआई, आरपीएफ









