हर शुक्रवार सरकारी वाहन से नहीं चलेंगे महापौर-अधिकारी

नगरनिगम भी अब मितव्ययी होने जा रहा…
एक दिन में बचेगा 100 लीटर डीजल
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। ईरान-अमेरिका युद्ध से उपजे आर्थिक संकट के हालत को संभालने के लिए नगरनिगम भी मितव्ययता बरतनेे जा रहा है। अब हर शुक्रवार महापौर , अधिकारी और कर्मचारी सरकारी वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे। दरअसल पीएम नरेंद्र मोदी के आव्हान पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने वाहनों के उपयोग किफायत से करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में महापौर मुकेश टटवाल ने यह पहल की है। उन्होंने इस संबंध में निगमायुक्त को अफसर-कर्मचारियों को आवंटित वाहनों का प्रयोग शुक्रवार को नहीं करने देने का आदेश जारी करने के लिए पत्र लिखा है।
नगरनिगम में दो जनप्रतिनिधि और 39 अफसरों को वाहन दिए गए हैं। इनमें महापौर, निगम सभापति, आयुक्त, अपर आयुक्त, सहायक आयुक्त, उपायुक्त, इंजीनियर, स्वास्थ्य अधिकारी और दरोगा शामिल हैं। जनप्रतिनिधि और कमिश्नर को छोड़ दें तो बाकी अफसरों के वाहन ईंधन लिमिट से बंधे हुए हैं। वह महीने में 75 लीटर तक खर्च कर सकते हैं। यानी एक दिन में 2.50 लीटर। वर्कशॉप प्रभारी कृष्णा भूरिया के मुताबिक रोजाना करीब 100 से 110 लीटर डीजल की खपत होती है। ऐसे में 92 रुपए प्रतिलीटर से करीब दस हजार रुपए की बचत होगी।
ई- वाहन और ई-रिक्शा उपयोग पर जोर
महापौर ने निगम के पार्षद, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से सप्ताह में एक दिन डीजल-पेट्रोल-सीएनजी वाहनों का प्रयोग नहीं करने की अपील की है। इनकी जगह इलेक्ट्रिक वाहन, ई रिक्शा का उपयोग करने का सुझाव भी उन्होंने दिया है।









