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अचानक पहुंचे अफसरों को बंद मिले स्कूल

शिक्षा विभाग में हड़कंप, निरीक्षण में नदारद मिले 18 कर्मचारियों का वेतन काटने के आदेश

 

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उज्जैन। मंगलवार सुबह जिला शिक्षा अधिकारी अचानक स्कूलों के हाल जानने निकले तो कई स्कूलों में ताले मिले। बच्चों की छुट्टियां होने के कारण शिक्षक भी स्कूलों से गायब थे। जिला शिक्षा अधिकारी ने 18 कर्मचारियों का वेतन काटने के आदेश जारी किए हैं।

शिक्षा विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों के औचक निरीक्षण से कार्यालयों में हड़कंप मच गया। निर्धारित समय के बाद भी ड्यूटी से गायब रहने पर डीईओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए 18 कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश जारी किए हैं। इस निरीक्षण दल में एडीपीसी समग्र शिक्षा गिरीश तिवारी भी मौजूद थे।

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प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य विभागों में भी हड़कंप की स्थिति है। मंगलवार सुबह 10 बजे जिला शिक्षा अधिकारी महेन्द्र खत्री एवं जिला परियोजना समन्वयक अशोक त्रिपाठी के दल ने बीआरसी उज्जैन ग्रामीण एवं शहर कार्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें उज्जैन ग्रामीण के स्कूलों में 8 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। उज्जैन शहर में बीआरसी विजय पगारे सहित उनके 9 कर्मचारी नदारद मिले। पूरे निरीक्षण के दौरान केवल बीआरसी (ग्रामीण) राजकुमार पाल ही अपने कार्यालय में उपस्थित मिले।

चेतावनी: 10 से 6 बजे तक रहना अनिवार्य
अनुपस्थित मिले सभी 18 कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए डीईओ महेन्द्र खत्री ने उनका एक
दिन का वेतन काटने का आदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि ्रग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी और संकुल कार्यालय पूर्ण रूप से संचालित होंगे। सभी कर्मचारियों को प्रात: 10
बजे अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी और शाम 6
बजे के बाद ही कार्यालय छोडऩा होगा।

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इनका कहना
जिले के सभी शिक्षा कार्यालयों का निरीक्षण आगामी दिनों में भी निरंतर जारी रहेगा। समय का पालन न करने वाले कर्मचारी कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
महेन्द्र खत्री
डीईओ, उज्जैन

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