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उज्जैन:टाटा ने कर्फ्यू में खोदी 50% से अधिक मुख्य मार्गों की सड़कें

बारिश से कीचड़ फैला

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सवाल: पहले सड़क रिपेयर होती है या होता है कोई बड़ा हादसा

उज्जैन। टाटा कंपनी द्वारा शहर में सीवरलाइन प्रोजेक्ट के तहत शहर में पाइप लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। कोरोना कफ्र्यू के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का आवागमन सीमित है, इस कारण कंपनी ने खुदाई कार्य की गति तेज कर दी, लेकिन रिपेयरिंग नहीं की जा रही। प्री-मानसून के दौरान हुई बारिश से मुख्य मार्गों की सड़कों पर कीचड़ और गड्ढों से अब लोग परेशान हो रहे हैं।

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कोयला फाटक से कंठाल की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर टाटा कंपनी द्वारा बीच सड़क पर खुदाई कर यहां पाइप लाइन डालने का काम किया जा रहा है। हैरानी की बात यह कि कंपनी द्वारा जिन मार्गों पर पाइप लाइन डाल दी गई है उन पर रिपेयरिंग नहीं की गई। रविवार को शहर में प्री मानसून के दौरान हुई बारिश से मुख्य मार्गों की सड़कों पर कीचड़ और गहरे गड्ढे उभर आए हैं। कोरोना कफ्र्यू के दौरान भी अति आवश्यक सेवाओं में लगे चौपहिया वाहनों और दो पहिया वाहनों के आवागमन को अनुमति दी गई है। लेकिन टाटा कंपनी द्वारा सड़कें खोदकर रिपेयरिंग नहीं किये जाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्व में हुई कई सड़क दुर्घटनाएं

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शहर में सीवरेज प्रोजेक्ट की अव्यवस्थाओं के चलते पूर्व में भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें कुछ लोग अपनी जान तक गवां बैठे है। बावजूद सड़कों पर सीवरेज के ऊपर उठे हुए चेम्बरों को नहीं सुधारा गया। जिससे सड़कों पर सुरक्षित वाहन चलाना भी दुभर हो गया है। फिलहाल अब देखना होगा की पहले सड़के रिपेयर होती है या होता है कोई बड़ा हादसा।

मार्गों पर लगा दिये बेरिकेड्स

कंपनी द्वारा जिन मार्गों पर खुदाई कार्य के बाद पाइप लाइन डाल दी गई है उन पर खुदाई के दौरान निकला मटेरियल डालकर छोड़ दिया गया है। यहां कंपनी ने बेरिकेड्स लगा दिये हैं। कंपनी कर्मचारियों का कहना है कि वाहन चालक दुर्घटना का शिकार न हो इस कारण बेरिकेड्स लगाये हैं, रिपेयरिंग कार्य पूरे मार्ग पर एक साथ किया जायेगा।

इन मार्गों पर खुदी पड़ी सड़केंं

नई सड़क, बुधवारिया, कोयला फाटक से कंठाल, महाकाल मंदिर के आसपास और रामघाट पर पाइप लाइन डलने के बाद भी सड़कें खुदी पड़ी हैं। मानसून सीजन भी शुरू होने वाला है ऐसे में यदि मुख्य मार्गों पर रिपेयरिंग नहीं होती तो दुर्घटना की संभावना बढ़ जायेगी।

इनका कहना है: शिकायत मिली है तो जल्द ही अधूरे पड़े पेच वर्क कार्य पूरे किए जाएंगे। बारिश से पहले टारगेट बनाकर टीम को केवल रिपेयरिंग का कार्य ही कंप्लीट करने के निर्देश दिए है। – धर्मेन्द्र वर्मा, अक्षीक्षण यंत्री, स्मार्ट सिटी

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