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उज्जैन:2 घंटे में 2 इंच वर्षा और ढेर समस्या छोड़ गई

प्री-मानसून की जोरदार बारिश, तेज हवा-आंधी से पेड़ गिरे, बिजली के तार टूटे…

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बारिश का आंकड़ा बढ़ा, उमस और गर्मी से मिली राहत

उज्जैन।दो दिनों से हो रही प्री मानसून की बारिश से उमस और गर्मी से राहत मिली है। रात और दिन का पारा पांच डिग्री तक लुढ़क गया। रविवार की शाम को भी आसमान में बादल उमड़-घुमड़ कर आए और जमकर बरसे।

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एक घंटे तक जोरदार बारिश से शहर के नाले-नालियां उफने तो सड़कों पर पानी जमा हो गया। इससे कई जगह पर यातायात प्रभावित हुआ। वहीं तेज आंधी के कारण कई जगह पर पेड़ भी धराशायी हो गए और बिजली के तार भी टूट गए। इससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ।

मध्यप्रदेश में मानसून तीन दिन बाद आ सकता है। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक सोमवार को बादल छंटने से टेम्प्रेचर बढ़ेगा, लेकिन इससे लोकल सिस्टम भी बनेगा और इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम समेत कुछ शहरों में सोमवार शाम तक बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे में प्रदेश के कई शहरों में झमाझम बारिश हो सकती है।

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जीवाजी वेधशाला के अधीक्षक राजेंद्र गुप्त ने बताया कि प्री मानसून की गतिविधि शुरू हो गई है। रविवार को ४९ मिमी (करीब दो इंच) वर्षा दर्ज की गई। इससे पहले शनिवार को एक इंच बारिश हुई थी।

वहीं रविवार को अधिकतम तापमान 35.5और न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री दर्ज किया गया। दो दिन में तापमान में पांच डिग्री की गिरावट आई है। आज भी बारिश का अनुमान है।

इधर रविवार की शाम को हुई बारिश से शहर में नई सड़क, गोपाल मंदिर, छत्रीचौक, ढाबा रोड सहित फ्रीगंज में भी कई कॉलोनियों में नाले उफन पड़े जिससे सड़कों पर पानी भर गया। कुछ जगह पर पेड़ भी गिर गए और बिजली के तार भी टूट गए।

जिले में सबसे अधिक बारिश उज्जैन तहसील में

पिछले चौबीस घंटे में उज्जैन जिले में औसत 16.8 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इसमें उज्जैन तहसील में 50 मिमी, घट्टिया में 27, खाचरौद में 20, नागदा में 13, बडऩगर में 24, महिदपुर में 5, तराना में 7 और माकड़ोन में 5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।

महाकाल मंदिर के नंदी हाल में भी पानी भरा

रविवार को हुई तेज बारिश से महाकाल मंंदिर के नंदी हाल में भी पानी घुस गया। पानी ऊपर की ओर से तेजी से नंदी हाल में गिर रहा था। इससे परिसर पानी से भर गया। मंदिर समिति ने तत्काल कर्मचारियों को बुलवाकर नंदी हाल की सफाई करवाई। इन दिनों मंदिर के विस्तारीकरण का काम चल रहा है।

इस कारण पालकी द्वार सहित मंदिर परिसर में निर्माण सामग्री पड़ी है जिससे नालियां भी जाम हो गई है। इससे पानी ओवरफ्लो होकर मंदिर के नंदी हाल तक पहुंच गया। इससे पहले भी पानी गर्भगृह तक पहुंचा था, तब कहा गया था कि रिसाव के कारण पानी आ गया।

बिजली की आंख मिचौली चलती रही

रविवार की शाम को तेज हवा चलते ही बिजली गुल हो गई। इसके बाद रात तक बिजली के आने-जाने का क्रम चलता रहा। इससे पहले शनिवार को भी शहर में यह हाल रहा।

जबकि बिजली विभाग ने मेंटनेंस के नाम पर शहर में कई जगह पर विद्युत प्रदाय बंद रखा था। इधर प्री मानसून के शुरू होते ही बिजली बंद होने से लोग परेशान हो रहे हैं। कई कालोनियां तो रातभर अंधेरे में डूबी रही।

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