एलपीजी संकट के बीच एजेंसी संचालक काट रहे चांदी

ओवरबिलिंग, सुरक्षा निधि और गैस नली के नाम पर मनमानी, होम डिलेवरी बंद
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। एलपीजी सिलेंडर संकट के बीच एजेंसी संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं को जमकर लूटा जा रहा है। तमाम नियम कायदों का डर बताकर उनसे करीब पांच सौ से अधिक रुपए वसूले जा रहे हैं। रसोई गैस सिलेंडर के संकट के बीच उपभोक्ता एजेंसी संचालकों की मनमानी चुपचाप झेल रहे हैं।
इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर की मारामारी चल रहे हैं। प्रशासन भले ही दावा करें कि संकट नहीं है, लेकिन आम आदमी को सिलेंडर लेने में पसीने छूट रहे हैं। पूरा दिन खराब के बाद भी शाम तक सिलेंडर हाथ लग जाएगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इस संकट की घड़ी को गैस एजेंसी संचालकों ने कमाई का जरिया बना लिया है और आम जनों को जमकर लूटा जा रहा है।
जानिए किस तरह संकट में कमाई कर रहे गैस एजेंसी संचालक
नंबर गया – फोन पर बुकिंग कराने के सप्ताह-दस दिन तक सिलेंडर नहीं आने पर उपभोक्ता जब एजेंसी पर जाकर जानकारी लेता है तो सबसे पहले उसे यह कहा जाता है कि उसका नंबर गया। अब अगला नंबर लगाने के बाद संपर्क करना
फायदा- यह सिलेंडर एजेंसी संचालक ब्लैक मार्केट में सप्लाई करते हैं।
ओवर बिलिंग- सिलेंडर का तय रेट ९७२.५० रुपए है। जिसका ९७५ रुपए वसूला जा रहा है।
होल डिलेवरी बंद- संकट के साथ ही सिलेंडर की होम सप्लाई बंद है। एजेंसी के तय स्पॉट पर जाकर उपभोक्ता को सिलेंडर लाना जरूरी है।
बिना जांच रुपए वसूली-अनिवार्य सुरक्षा जांच के नाम पर जांच शुल्क २३६ लिया जा रहा है। यह जांच ५ साल में एक बार अनिवार्य है। कंपनी द्वारा बिना कोई जांच सिर्फ रुपया लिया जा रहा है।
1400 का बिल – ऐसे में सिलेंडर, सुरक्षा जांच और एक नली का एजेंसी संचालक द्वारा १४ सौ रुपए लिया जा रहा है।
नियम : होम डिलेवरी अनिवार्य अधिक वसूली नहीं कर सकते
सभी गैस एजेंसी सप्लायर्स को होम डिलेवरी करना अनिवार्य है। उपभोक्ता चाहे तो अपनी सुविधा के लिए एजेंसी से सिलेंडर ले जा सकता है।
रेट ९७२.५० रुपए है। इससे अधिक लिया जाना गैर कानूनी है।
सुरक्षा जांच हर कंपनी में अलग-अलग दो से पांच साल में अनिवार्य है। कंपनी का इंजीनियर घर जाकर जांच करने के बाद ही चार्ज करेगा।
गैस नली की उसकी लंबाई के मुताबिक कीमत तय है।
-गोपाल माहेश्वरी, अध्यक्ष, कुकिंग गैस वितरक एसोसिएशन
इनका कहना: सुरक्षा निधि लेकर अभी रसीद ली जा रही है। कुछ दिनों में इंजीनियर को निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। रही बात होम डिलेवरी की तो अभी इतना माल ही नहीं आ रहा है कि घर-घर भिजवाया जाए। उपभोक्ता एजेंसी से ही ले जा रहे हैं। ओवर बिलिंग नहीं कर रहे हैं। केशव माहेश्वरी, संचालक मंगलमूर्ति गैस एजेंसी, निजातपुरा









