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कॉलोनाइजर और बिल्डर्स को राहत

भू-स्वामी और डेवलपर्स को अब रेरा में नहीं कराना होगा अनुबंध का पंजीयन

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:कॉलोनाइजर-बिल्डर्स को बड़ी राहत दी गई है। इसके बाद भू-स्वामी और डवलपर्स के बीच अनुबंध का रेरा में पंजीयन नहीं कराना होगा। इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है।

करीब 5 माह पहले मार्च 2023 को भू-स्वामी और विकासकर्ता के बीच अनुबंध का पंजीयन कराने की अनिवार्यता की गई थी। इसे व्यावहारिक रूप से अनुकूल नहीं पाए जाने के कारण वाणिज्यिक कर विभाग ने इसे समाप्त कर दिया है। मध्य प्रदेश में भू-स्वामी और विकासकर्ता के बीच किए गए अनुबंध का पंजीयन अब भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) में नहीं करना होगा।

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वाणिज्यिक कर विभाग ने अपनी गलती सुधारते हुए नई संशोधित अधिसूचना जारी कर रेरा में पंजीयन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब केवल प्रोजेक्ट का पंजीयन कराना होगा। यह नई व्यवस्था पूर्व की तरह ही एक अप्रैल 2023 से प्रभावी मानी जाएगी। इसके साथ भू-स्वामी और विकासकर्ता को प्रोजेक्ट के अनुबंध की स्टांप ड्यूटी में छूट दी गई है।

स्टांप ड्यूटी में भी दी छूट

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भू-स्वामी और विकासकर्ता को प्रोजेक्ट के अनुबंध की स्टांप ड्यूटी में छूट दी गई है। भू-स्वामी को अनुबंध कराने में स्टांप शुल्क में डेढ़ प्रतिशत की छूट मिलेगी और विकासकर्ता को उनके शेयर में से पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यानी अगर 10 करोड़ का प्रोजेक्ट है और इसमें भूस्वामी की 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है और विकासकर्ता की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है तो प्रोजेक्ट के अनुबंध के समय स्टांप ड्यूटी पर भू-स्वामी को डेढ़ प्रतिशत और विकासकर्ता को उनके 40 प्रतिशत शेयर पर पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इससे संपत्ति क्रेता और विक्रेताओं को लाभ होगा।

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