दुनिया की मशहूर पिज्जा चेन पिज्जा हट बिकेगी, जानें वजह

दुनिया की प्रमुख पिज्जा श्रृंखलाओं में शामिल पिज्जा हट का स्वामित्व बदलने जा रहा है। इसकी मूल कंपनी यम ब्रांड्स ने 2.7 अरब डॉलर के सौदे के तहत पिज्जा हट के कारोबार को बेचने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि बदलते उपभोक्ता रुझान, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लगातार कमजोर पड़ते प्रदर्शन के बीच यह निर्णय लिया गया है। नियामकीय मंजूरियां मिलने के बाद यह सौदा वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है।

वैश्विक खाद्य सेवा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। यम ब्रांड्स ने अपनी लोकप्रिय पिज्जा श्रृंखला पिज्जा हट के कारोबार को बेचने के लिए अंतिम समझौतों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। कुल 2.7 अरब डॉलर के इस सौदे को रेस्टोरेंट उद्योग के बड़े सौदों में गिना जा रहा है।
समझौते के तहत चीन में पिज्जा हट के संचालन का अधिग्रहण यम चाइना होल्डिंग करेगी, जिसके लिए 1.2 अरब डॉलर का भुगतान किया जाएगा। वहीं चीन के बाहर के वैश्विक कारोबार को निजी निवेश कंपनी लॉन्गरेंज कैपिटल 1.5 अरब डॉलर में खरीदेगी।
कंपनी ने बताया कि पिज्जा हट के भविष्य को लेकर नवंबर 2025 से रणनीतिक समीक्षा की जा रही थी। इस प्रक्रिया में विभिन्न विकल्पों पर विचार करने के बाद निदेशक मंडल ने कारोबार की बिक्री को सबसे उपयुक्त विकल्प माना। यम ब्रांड्स के अनुसार नए स्वामित्व ढांचे के तहत विभिन्न बाजारों की जरूरतों के अनुरूप कारोबार को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
पिछले कुछ वर्षों में पिज्जा हट को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उपभोक्ताओं की खानपान संबंधी प्राथमिकताओं में बदलाव, स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता, तेज होती प्रतिस्पर्धा और महंगाई के कारण बिक्री पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा खाद्य सामग्री की बढ़ती लागत और उपभोक्ताओं द्वारा खर्च में बरती जा रही सावधानी ने भी कारोबार की वृद्धि को प्रभावित किया है।
विश्लेषकों का मानना है कि फास्ट फूड क्षेत्र में ग्राहकों का झुकाव अपेक्षाकृत स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों की ओर बढ़ रहा है, जिसका असर पारंपरिक पिज्जा कारोबार पर पड़ा है। इसी वजह से पिज्जा हट का प्रदर्शन यम ब्रांड्स के अन्य प्रमुख ब्रांडों की तुलना में अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
वित्तीय वर्ष 2025 में पिज्जा हट का योगदान यम ब्रांड्स के कुल राजस्व में लगभग 12 प्रतिशत रहा। इसके बावजूद कंपनी अब अपने बेहतर प्रदर्शन करने वाले ब्रांडों पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति अपना रही है।
यम ब्रांड्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस टर्नर ने कहा कि इस सौदे से कंपनी को अपने अन्य प्रमुख व्यवसायों के विस्तार और विकास पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलेगा। बिक्री पूरी होने के बाद कंपनी के पोर्टफोलियो में मुख्य रूप से केएफसी और टाको बेल जैसे ब्रांड शामिल रहेंगे, जिन्होंने हाल के वर्षों में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया है।
कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि बिक्री से प्राप्त शुद्ध राशि का उपयोग भविष्य की विकास योजनाओं और पूंजी आवंटन रणनीति के तहत किया जाएगा। इसके साथ ही निदेशक मंडल ने शेयर पुनर्खरीद कार्यक्रम के लिए 4 अरब डॉलर के अतिरिक्त बजट को भी मंजूरी दी है।
पिज्जा हट का इतिहास कई दशकों पुराना है। वर्ष 1977 में पेप्सीको ने इसका अधिग्रहण किया था। बाद में 1997 में पिज्जा हट, केएफसी और टाको बेल को अलग कर एक स्वतंत्र रेस्टोरेंट समूह बनाया गया, जिसने 2002 में यम ब्रांड्स का नाम अपनाया। आज यम ब्रांड्स और उसके फ्रेंचाइजी साझेदार दुनिया के 155 देशों और क्षेत्रों में हजारों रेस्टोरेंट संचालित करते हैं।
मुख्य बिंदु
- पिज्जा हट का कुल सौदा मूल्य: 2.7 अरब डॉलर
- चीन का कारोबार: 1.2 अरब डॉलर में यम चाइना को हस्तांतरित होगा
- वैश्विक शेष कारोबार: 1.5 अरब डॉलर में लॉन्गरेंज कैपिटल खरीदेगी
- सौदा पूरा होने की संभावित अवधि: वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही
- रणनीतिक समीक्षा की शुरुआत: नवंबर 2025
- वर्ष 2025 में यम ब्रांड्स के राजस्व में पिज्जा हट की हिस्सेदारी: लगभग 12 प्रतिशत
- बिक्री के बाद यम ब्रांड्स का प्रमुख फोकस: केएफसी और टाको बेल
- शेयर पुनर्खरीद कार्यक्रम के लिए अतिरिक्त स्वीकृति: 4 अरब डॉलर








