पढ़ने बैठते ही बच्चा हो जाता है डिस्ट्रैक्ट? अपनाएं ये आसान तरीके

आजकल बच्चों का पढ़ाई में मन लगाना माता-पिता के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। मोबाइल, टीवी, गेम्स और दूसरी चीजों के कारण बच्चे जल्दी डिस्ट्रैक्ट हो जाते हैं और लंबे समय तक पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते। ऐसे में बच्चों पर पढ़ने का दबाव बनाने के बजाय उनके लिए ऐसा माहौल और रूटीन बनाना जरूरी है, जिससे पढ़ाई उन्हें बोझ न लगे। कुछ छोटी-छोटी आदतों और सही तरीके अपनाकर बच्चे की एकाग्रता और पढ़ाई में रुचि दोनों को बेहतर किया जा सकता है।
1.पढ़ाई का एक सही समय और जगह तय करें
बच्चे का मन तभी पढ़ाई में लगेगा जब उसका एक फिक्स रूटीन होगा। रोज एक ही समय पर और एक ही शांत जगह पर बैठने से दिमाग को सिग्नल मिलता है कि अब काम करने का वक्त है। कोशिश करें कि पढ़ाई की जगह पर शोर-शराबा या टीवी की आवाज न हो ताकि बच्चा एकाग्र होकर अपना काम पूरा कर सके।
2.पढ़ाई के बीच छोटे ब्रेक देना है जरूरी
लगातार घंटों तक पढ़ने से बच्चा थक जाता है और उसका दिमाग चीजें याद रखना बंद कर देता है। इसलिए बच्चे को हर 30-40 मिनट की पढ़ाई के बाद 5-10 मिनट का छोटा ब्रेक जरूर दें। इस खाली समय में उसे पानी पीने, स्ट्रेचिंग करने या थोड़ा टहलने को कहें ताकि उसका दिमाग दोबारा फ्रेश हो सके।
3.रटने के बजाय लिखकर याद कराएं
केवल बोलकर पढ़ने से बच्चा अक्सर चीजें जल्दी भूल जाता है. अगर आप उसे लिखकर याद करने की आदत डालेंगे, तो उसकी याददाश्त तेज होगी और स्पेलिंग की गलतियां भी कम होंगी। मुश्किल टॉपिक को समझाने के लिए आप चित्र या रंगीन पेन का इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे पढ़ाई मजेदार बन जाए।
4.मोबाइल और गैजेट्स से दूरी
पढ़ाई के समय बच्चे के आसपास मोबाइल, टैबलेट या गेमिंग कंसोल बिल्कुल न रखें। स्क्रीन की रोशनी और बार-बार आने वाले नोटिफिकेशन बच्चे का ध्यान भटकाते हैं। बच्चे को समझाएं कि पढ़ाई खत्म होने के बाद ही उसे इनाम के तौर पर थोड़ा समय स्क्रीन देखने या खेलने दिया जाएगा।









