पुलिस वालों के बच्चे कर रहे अपना दिमाग तेज

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आईएसओ धारी डीआरपी लाइन में इन दिनों अलग ही तरह की क्लास चल रही है। यहां पुलिस परिवार के 5 से 15 साल के बच्चे अपने दिमाग को धारदार बना रहे हैं। ब्राइटर माइंडस कोर्स के तहत बच्चों को मोबाइल, टीवी, ऑनलाइन गेम्स, कार्टून की दुनिया जैसी बुरी लतों से निकालकर गुड मेनर्स सिखाएं जा रहे हैं।
दरअसल एसपी प्रदीप शर्मा ने पुलिस परिवार के बच्चों में अच्छी आदत विकसित करने के लिए यह कोर्स शुरू करवाया है। आरआई रंजीतसिंह और सूबेदार स्वाति कामले के प्रयासों से ब्राइटर माइंडस ट्रेनर इंदरसिंह वर्मा और हार्टफुलनेस प्रशिक्षक अंजलि ओरे प्रशिक्षण दे रही हैं। दोनों ट्रेनर पुलिस आरक्षक हैं।
ब्राइटर माइंडस क्या है?
दरअसल ब्राइटर माइंडस एक साइंटिफिक प्रोग्राम है। यह 5 से 15 साल के बच्चों का दिमाग तेज करता है। उनका फोकस बेहतर कर याददाश्त मजबूत करता है। इसका मकसद बच्चों की दिमाग की छुपी शक्तियों को जागृत करना है।
कैसे काम करता है
ब्रेन एक्सरसाइज- यह दिमाग के दोनों हिस्से लेफ्ट और राइट को बैलेंस करती है।
अल्फा स्टेट एक्टिवेशन- दिमाग को शांत रखती है। सीखने की क्षमता बढ़ाती है।
सेंसरी ट्रेनिंग- बिना देखें रंग, नंबर और अक्षर की पहचान कराना सिखाती है।
म्यूजिक, ब्रीदिंग- यह फोकस बढ़ाता है। रिलेक्सेशन लाता है।
क्या फायदा हो रहा
फोकस बढ़ता है- माइंडस स्थिर रहने से फोकस बढ़ता है। बिना भटके पढऩे की क्षमता बेहतर होती है।
मेमोरी- मेमोरी बढ़ती है और एक बार में 30 से 40चीजें याद रह जाती हैं।
कॉन्फिडेंस- स्टेज फियर खत्म होता है। सवाल पूछने की क्षमता विकसित होती है।
क्रिएटिविटी- नया सोचने की क्षमता विकसित होती है।









