रात के बजाय दिन में चोरी करने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार

दोस्त के खेत में गड्ढे खोदकर छुपाए 2.14 लाख के गहने भी बरामद

तराना में नकली गहने चुराकर भागते वक्त पकड़ा गया
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कायथा पुलिस ने एक ऐसे चोर को हिरासत में लिया है जो दिन के समय ही वारदात को अंजाम देता था। ग्रामीण क्षेत्र के सूने मकान उसका निशाना होते थे। आरोपी ने कायथा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरगोद में दिनदहाड़े चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। चोरी का माल उसने शाजापुर जिले में दोस्त के खेत से गड्ढा खोदकर गाड़ दिए थे। पुलिस ने चोरी किए गए पूरे आभूषण और नकदी बरामद कर ली है, जिसकी कुल कीमत लगभग 2 लाख 14 हजार रुपए है।
कायथा पुलिस के मुताबिक 25 मई को ग्राम बिरगोद निवासी सौदानसिंह के मकान में दिन में चोरी हुई थी। चूंकि इस गांव में कभी भी
दिन में चोरी की वारदात नहीं हुई थी, इसलिए मामला संदिग्ध लग रहा था। फरियादी सौदानसिंह ने बताया कि वह काम से तराना गया हुआ था, जबकि उसकी पत्नी और बच्चे गांव में ही उसके दूसरे मकान पर थे। जिस मकान में चोरी हुई, उसकी सिर्फ कुंडी लगी थी। दोपहर में जब पत्नी घर लौटी, तो पेटी का ताला टूटा मिला और उसमें रखे पुश्तैनी आभूषण गायब थे। 4 जून को कायथा थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि तराना के ग्राम बीजपडी में एक चोर को दिनदहाड़े चोरी करते हुए ग्रामीणों ने रंगेहाथ पकड़ा है। तराना पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वहां एक मकान का ताला तोड़कर गहने चुराए थे, लेकिन भागते समय लोगों ने उसे दबोच लिया और तराना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मकान मालिक को जब बुलाया गया, तो खुलासा हुआ कि बदमाश जिन आभूषणों को असली समझकर चुरा रहा था, वे वास्तव में नकली गहने थे। पकड़े गए आरोपी की पहचान माखन (40) पिता चंदरसिंह निवासी ग्राम हनौती, थाना मक्सी (जिला शाजापुर) के रूप में हुई।
रिमांड पर पूछताछ, खुदाई में मिले गहने
बिरगोद में हुई चोरी का तरीका भी ऐसा ही होने के कारण कायथा पुलिस के एसआई पवनसिंह कुशवाह, आरक्षक पवन वर्मा, सुल्तान और सुरेन्द्र पांडे की टीम तराना पहुंची। तराना पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी माखनसिंह को कायथा पुलिस ने प्रोटेक्शन रिमांड पर लिया। जब पुलिस ने माखन से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने शाजापुर में माल ठिकाने लगाने की बात कबूली। पुलिस टीम उसे शाजापुर लेकर पहुंची, उसके दोस्त के खेत खुदाई करवाई और चोरी का पूरा मशरूका (गहने एवं नकदी) बरामद कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पहले रैकी, फिर वारदात
कायथा पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने अपना अनोखा काम करने का तरीका स्वीकारा। माखन ने बताया कि वह रात में कभी चोरी नहीं करता। वह केवल दिन के समय ग्रामीण इलाकों में घूमकर सूने मकानों की रेकी करता है और मौका मिलते ही कुंडी या ताला तोड़कर हाथ साफ कर देता है। उसके खिलाफ पहले भी ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई और माल बरामदगी में उपनिरीक्षक पवन सिंह कुशवाह, प्रधान आरक्षक गोपाल पटेल, आरक्षक पवन वर्मा, आरक्षक सुल्तान, आरक्षक सुरेन्द्र पाण्डे, सैनिक मोहनलाल एवं सैनिक सुभाष की मुख्य और सराहनीय भूमिका रही।









