मेडिकल विवि का बंटवारा : उज्जैन को 64 कॉलेज, जबलपुर के पास सिर्फ 16

उज्जैन: धन्वंतरि विवि के गठन का मामला हाई कोर्ट पहुंचा
उज्जैन/जबलपुर। मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के विखंडन और उज्जैन में धन्वंतरि विश्वविद्यालय के गठन का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। पुनर्गठन के बाद उज्जैन के नए विश्वविद्यालय के दायरे में 6 संभाग के 31 जिले और 80 में से 64 कॉलेज आएंगे, जबकि जबलपुर विश्वविद्यालय के पास 4 संभाग के 24 जिले और सिर्फ 16 कॉलेज रह जाएंगे।
इस बंटवारे को चुनौती देने वाली याचिका पर चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की युगलपीठ ने राज्य सरकार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। डॉ. पीजी नाजपांडे सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाल ही में राजपत्र में प्रकाशित संशोधन अधिनियम और मध्य प्रदेश धन्वंतरि विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 की वैधानिकता को चुनौती दी है। उनका आरोप है कि पुनर्गठन में जबलपुर के साथ भेदभाव हुआ है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 में मिले समानता के अधिकार के खिलाफ है।
250 करोड़ का रिजर्व फंड उज्जैन ले जाने पर आपत्ति
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय के मुताबिक, फैसला लेने से पहले कोई विशेषज्ञ अध्ययन या व्यवहार्यता रिपोर्ट नहीं बनाई गई। याचिका में मेडिकल यूनिवर्सिटी के करीब 250 करोड़ रुपए के रिजर्व फंड को उज्जैन स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इस पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई है।









