विक्रम के भारत अध्ययन केंद्र की पहली बैच तैयार

उज्जैन। सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के भारत अध्ययन केंद्र का प्रथम बैच इतिहास रचने जा रहा है। वर्ष 2022 में शुरू किए गए भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के 11 विद्यार्थियों को 17 मार्च को आयोजित दीक्षांत समारोह में डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगू भाई पटेल द्वारा छात्रा शीतल महावर को प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर स्वर्ण पदक और प्रमाण-पत्र से नवाजा जाएगा।
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वरिष्ठ कार्यपरिषद सदस्य राजेश कुशवाह ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय प्रदेश का ऐसा पहला विश्वविद्यालय है जिसने अकादमिक स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा और हिंदू अध्ययन को पाठ्यक्रम के रूप में स्थापित किया है। पाठ्यक्रम के चारों सेमेस्टर सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले इन विद्यार्थियों ने हिंदू धर्म की अवधारणा, तात्विक पक्ष और वैश्विक विमर्श जैसे गहन विषयों का अध्ययन किया है।
क्या है इस पाठ्यक्रम की विशेषता?
भारत अध्ययन केंद्र के निदेशक डॉ. सचिन राय ने बताया कि विद्यार्थियों को इस एम.ए. प्रोग्राम के दौरान हिंदू धर्म के तात्विक और दार्शनिक पक्ष, हिंदू अध्ययन पर पाश्चात्य दृष्टिकोण, विधि और प्रवासी भारतीयों की सांस्कृतिक पहचान और भारतीय जीवन मूल्यों का वैश्विक संदर्भ जैसे महत्वपूर्ण विषयों का बोध कराया जाता है।









