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शेषनाग धारण कर बाबा महाकाल ने दिए दर्शन

शिव नवरात्रि के तीसरे दिन दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

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शिव कथा में बताया नम स्मरण का महात्मय

उज्जैन। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में इन दिनों शिव नवरात्र में भक्ति का प्रकाश फैल रहा है। शिव नवरात्र के तीसरे दिन रविवार को बाबा महाकाल ने शेषनाग धारण कर भक्तों को दर्शन दिए। छुट्टी का दिन होने से देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। यह सिलसिला रात तक चलता रहा।

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दरअसल, सुबह 8 बजे श्रीगणेश व श्री कोटेश्वर महादेव भगवान के पूजन-अभिषेक के साथ तीसरे दिन की शुरुआत हुई। मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा बाबा महाकाल का अभिषेक एकादश-एकादशिनी रूद्रपाठ से किया गया। पूजन का यह क्रम 14 फरवरी तक निरंतर चलेगा।

दोपहर 3 बजे सांध्य पंचामृत पूजन के बाद भांग से शृंगार कर बाबा ने निराकार से साकार रूप धारण किया। संध्या पूजन के बाद बाबा ने शेषनाग धारण भक्तों को दर्शन दिए। भक्त भी बाबा के इस स्वरूप के दर्शन कर धन्य हो गए। इस दौरान जय श्री महाकाल और हर-हर महादेव का जयघोष गूंजता रहा। सोमवार को भगवान महाकाल घटाटोप स्वरूप में दर्शन देंगे।

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शिव कथा में बताया महात्म्य शाम 4.30 से 6 बजे तक मंदिर परिसर में नवग्रह मंदिर के पास शिव कथा एवं हरि कीर्तन हुआ। डॉ. अजय अपामार्जने ने संत कबीर महाराज के भजन ‘कब सुमीरोगे राम अब तुम’ के माध्यम से नम स्मरण का महात्मय, जीवन का ध्येय बताया। तबले पर संगत श्रीधर व्यास ने की।

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