सिंहस्थ के काम पूरा होने के बाद नहीं लगेगा जाम बदहाल ट्रैफिक से मिलेगी आम शहरी को निजात

15 से 45 मीटर तक चौड़ी हो रही दो दर्जन सड़कें
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संबंधित क्षेत्र का व्यापार-व्यवसाय भी खूब चलने की उम्मीद
उज्जैन। पुराने और नए शहर में बदहाल ट्रैफिक में फंसने वालां के लिए सिंहस्थ में चौड़ी हो रही दो दर्जन सड़कें काफी मददगार साबित हो सकती है। मास्टर प्लान के मुताबिक इन सड़कों का निर्माण तेजी से चल रहा है। शहर के भीतर की इन सड़कों का निर्माण नगरनिगम और उज्जैन विकास प्राधिकरण जैसी एजेंसियां कर रही हैं। इनके तैयार होने के बाद खराब ट्रैफिक से तो निजात मिलेगी ही, व्यवसायिक इलाकों में कारोबार भी जमकर चलने की उम्मीद है।
नगरनिगम नक्षत्रहोटल से पंचमुखी हनुमान मंदिर, गऊघाट से कर्कराज टी, वेधशाला से रिंगर्रोड, मुनिनगर से इंदौर रोड, एमआर 4 सांवेररोड, कोठीरोड से लिंक रोड, पंवासा विस्थापित क्षेत्र, सांदीपनि चौराहा से उद्यन मार्ग, गाड़ी अड्डा से बडऩगररोड स्थित बड़ा पुल, तेलीवाड़ा से शिप्रा की छोटी पुलिया, हनुमाननाका से हरिफाटक ब्रिज रोड, राजस्व कॉलोनी मुख्यमार्ग, ढांचा भवन से एमआर-5, हामूखेड़ी से देवासरोड, नानाखेड़ा से शांतिपैलेस, शांतिनगर से नीलगंगा, टैगोरचौराहा से दो तालाब, गदापुलिया से नृसिंह घाट, कोयलाफाटक- छत्रीचौक और नीलगंगा से हरिफाटक ब्रिज तक का मार्ग चौड़ा कर रहा है।
इन मार्गो की चौड़ाई 24 से 45 मीटर तक की जा रही है। इनमें से कई पुराने मार्ग है, जो पांच दशक पहले बने थे। तब के ट्रैफिक के हिसाब से तैयार इन मार्गों अब वाहनों की भीड़ है और दिन के समय तो इन पर यह हालत होते हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल होता है। ऐसे में सिंहस्थ-2028 की तैयारी के क्रम में इन्हें तैयार किया जा रहा है। इनमें से चार सड़क ऐसी हैं जो चौड़ीकरण के बाद शहर की स्थिति बदल देगी।
तेलीवाड़ा से छोटी पुलिया
करीब 1.5 किलोमीटर लंबा यह मार्ग भी घनी बस्ती से गुजरता है। इस पर मिर्जानईम बैग मार्ग, टंकी चौराहा, मावाबाजार जैसे व्यवसायिक इलाके आते हैं। इसे भी तीन फेज में चौड़ा किया जा रहा है। पहला फेज मेडिकल स्टोर से तेलीवाड़ा चौराहा, दूसरा टंकी चौराहा से सत्यनारायण मंदिर और तीसरा सत्यनारायण मंदिर से छोटी पुलिया का है।
क्यों जरूरी- यह रोड सघन बस्ती वाला है। यहां से रोजाना करीब 1 लाख से ज्यादा लोग गुजरते हैं। अभी यहां टू-व्हीलर ही बड़ी मुश्किल से चलते हैं। रोड़ चौड़ा होने से यातायात सुगम होगा।
गाड़ी अड्डा से बडऩगर बड़ा पुल
करीब 2 किलोमीटर लंबा यह मार्ग भी पुराने शहर के घने इलाकों से गुजरता है। इस पर चिमनगंज मंडी, फाजलपुरा, विक्रमादित्य क्लॉथ मार्केट जैसे व्यवसायिक इलाके हैं। एलपी भार्गव चौराहा, केडी जैसी घनी बस्ती है। इस सड़कों को चार फेज बड़ीपुलिया से खजूरवाली मस्जिद , मस्जिद से निकास चौराहा, निकासचौराहा से वीडी क्लॉथ मार्केट और वीडी क्लॉथ मार्केट से गाड़ी अड्डा चौराहे तक बनाया जा रहा है। सड़क को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्यों जरूरी- घनी बस्ती वाले इस इलाके से रोजाना 1 लाख लोग आना-जाना करते हैं। यहां फोर व्हीलर से जाना मुश्किल होता है। कई जगह तो टू-व्हीलर तक फंसते हैं। मार्ग चौड़ीकरण से यातायात आसान होने की संभावना है।
नीलगंगा से हरिफाटक
करीब 1 किलोमीटर लंबा यह रोड दो फेज में चौड़ा किया जा रहा है। पहला फेज सिंधी कॉलोनी से मंछामन और दूसरा मंछामन से हरिफाटक ब्रिज चौराहे तक का है। इसे 4 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्यों जरूरी – सिंहस्थ क्षेत्र में प्रवेश के लिए यह मुख्य मार्ग होगा। शहर के भीतर का अधिकतर ट्रैफिक इसी सड़क से बडऩगर रोड की तरफ मूव करेगा। अभी इस सड़क पर टू-व्हीलर और फोर व्हीलर आसानी से निकलते हैं। रोड चौड़ीकरण होने से ट्रैफिक और आसान होगा।
कोयलाफाटक छत्रीचौक
करीब 1.5 किलोमीटर लंबे इस रोड को तीन फेज में बनाया जा रहा है। पहला फेज कोयलाफाटक से इंद्रप्रस्थ टॉवर, दूसरा इंद्रप्रस्थ टॉवर से कंठाल चौराहा और तीसरा कंठाल चौराहा से छत्रीचौक का है। फेज 1 का काम 15 मार्च और फेज 3 का 16अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्यों जरूरी- इस मार्ग पर ही पुराने शहर के सबसे प्रमुख व्यवसायिक इलाके सेंट्रल कोतवाली रोड, कंठाल, सतीगेट, सराफा आते हैं। रोजाना यहां 1 लाख से अधिक लोग आना-जाना करते हैं। महाकाल मंदिर का भी यह नजदीकी क्षेत्र है। इस सड़क पर दोपहर के समय टू-व्हीलर से चलना भी मुश्किल होता है। फोर व्हीलर तो ले ही नहीं जा सकते। चौड़ीकरण से यहां ट्रैफिक स्मूथ होने की संभावना है।
पीपलानाका चौराहा
सिंहस्थ क्षेत्र के सेंटर पाइंट पर चौड़ीकरण जरूरी
पीपलीनाका चौराहे से तीन रोड चौड़ीकरण के दायरे में हैं। उज्जैन विकास प्राधिकरण पीपलीनाका-भैरवगढ़, पीपलीनाका-ओखलेश्वर और पीपलीनाका-जूना सोमवारिया रोड को पहले 45 मीटर चौड़ा करना चाहता था। अब यह चौड़ाई घटाकरन 30 मीटर कर दी गई है। स्थानीय रहवासी इस चौड़ाई को 24 मीटर रखना चाहते हैं।
क्यों जरूरी- यह क्षेत्र शैव संप्रदाय वाले क्षेत्र दत्तअखाड़ा जोन, मुरलीपुरा, मोहनपुरा को अंकपात क्षेत्र से जोड़ता है। इस मार्ग पर दबाव काफी होता है। इस क्षेत्र में ही कालभैरव, मंगलनाथ, सिद्ववट, अंगारेश्वर, सांदीपनि आश्रम जैसे मंदिर आते हैँ। यहां हर वक्त बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में इस सड़क का चौड़ा होना भी जरूरी है। हालांकि उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले इन सड़कों की चौड़ाई कम कराने का प्रयास विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा कर रहे हैं। वे कहते हैं कि मैं अपने लोगों के साथ खड़ा हूं।










